भारत और वियतनाम ने वर्ष 2027 में दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होने के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित करने के तरीकों पर चर्चा की है। यह बातचीत सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और वियतनाम के विदेश मंत्री एवं कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो सदस्य ले होआई ट्रुंग के बीच हुई बैठक में हुई।
वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि दोनों पक्षों ने भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के अनुरूप इस ऐतिहासिक अवसर को मनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया।
भारत और वियतनाम ने मई में वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम की भारत की राजकीय यात्रा के दौरान अपने द्विपक्षीय संबंधों को उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था।
इससे पहले सोमवार को NSA अजीत डोभाल ने वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री और वरिष्ठ लेफ्टिनेंट जनरल लुओंग टैम क्वांग के साथ भी बैठक की। इसमें सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग और दोनों देशों के बीच मौजूदा बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
भारतीय दूतावास ने बताया कि दोनों नेताओं ने सुरक्षा क्षेत्र में जारी सहयोग की समीक्षा की और इसे और मजबूत करने पर चर्चा की। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा किए।
दूतावास के अनुसार, भारत और वियतनाम के बीच सुरक्षा सहयोग दोनों देशों की गहरी और पारस्परिक विश्वास पर आधारित सभ्यतागत साझेदारी को दर्शाता है।
NSA डोभाल ने वियतनाम के उपप्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री जनरल फान वान जियांग से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों पक्षों ने जारी रक्षा सहयोग की स्थिति की समीक्षा की और इस क्षेत्र में गतिविधियों को और मजबूत करने पर सहमति जताई।
अजीत डोभाल रविवार को आधिकारिक यात्रा पर हनोई पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान वह भारत-वियतनाम उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत वियतनाम के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठकें कर रहे हैं।
-(इनपुटः आईएएनएस)


