लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को नई दिल्ली में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने, संसदों के बीच संवाद बढ़ाने, संसदीय मित्रता समूहों की गतिविधियों को गति देने और कानून निर्माण से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर चर्चा की। बातचीत में व्यापार, निवेश, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे भी शामिल रहे।
संसदीय कूटनीति से रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर जोर
बख्तियार सैदोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बैठक को सकारात्मक और सार्थक बताया। उन्होंने कहा कि संसदीय कूटनीति भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दोनों पक्षों ने संसदों के बीच संवाद बढ़ाने और कानून निर्माण के क्षेत्र में अनुभव साझा करने के तरीकों पर विचार किया।
बिरला ने उज्बेकिस्तान यात्रा को किया याद
बैठक के दौरान ओम बिरला ने अप्रैल 2025 में अपनी उज्बेकिस्तान यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने इंटर-पार्लियामेंटरी यूनियन की 150वीं वर्षगांठ सभा के दौरान मिले गर्मजोशी भरे स्वागत और पारंपरिक मेहमाननवाजी के लिए उज्बेकिस्तान का आभार जताया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव, सीनेट की अध्यक्ष तंजिला नारबायेवा और विधायी सदन के अध्यक्ष नुरिद्दीन इस्मोइलोव से मुलाकात की थी।
व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी पर भी हुई बातचीत
ओम बिरला ने कहा कि बख्तियार सैदोव के साथ बातचीत भारत और उज्बेकिस्तान की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को और मजबूत करने पर केंद्रित रही। दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी के साथ शिक्षा, संस्कृति तथा लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की।
भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मित्रता समूह का गठन
बिरला ने बताया कि भारतीय संसद ने इस वर्ष मार्च में भारत-उज्बेकिस्तान संसदीय मित्रता समूह का गठन किया है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा दोनों के सदस्य शामिल हैं। यह समूह दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास, शिक्षा, संस्कृति और मानवीय पहलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगा।
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री की भारत यात्रा
बख्तियार सैदोव सोमवार को भारत की आधिकारिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। यात्रा के दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी भेंट की। उन्होंने उज्बेकिस्तान-भारत बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लिया, जहां दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
द्विपक्षीय संबंधों को नई गति देने की कोशिश
बैठक में संसदीय संपर्कों को भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों के व्यापक ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। दोनों देशों के बीच नियमित संसदीय संवाद, मित्रता समूहों की सक्रियता और विधायी अनुभवों का आदान-प्रदान रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने में मदद कर सकता है। (इनपुट: आईएएनएस)


