नारी सशक्तिकरण की प्रतीक और देश की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की शनिवार को जयंती मनाई जा रही है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने समाज में शिक्षा, समानता व महिला अधिकारों के लिए सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री ने सावित्रीबाई फुले जयंती पर उनकी शिक्षा, सेवा और सामाजिक समानता के प्रति योगदान को याद किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर हम उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं जिन्होंने सेवा और शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वे समानता, न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक बदलाव का सबसे शक्तिशाली साधन है। उन्होंने ज्ञान और अध्ययन के जरिए जिंदगी में परिवर्तन लाने पर जोर दिया। जरूरतमंदों के लिए उनका काम भी सराहनीय है।”
अमित शाह ने सावित्रीबाई फुले जयंती पर उनके शिक्षा और नारी सशक्तिकरण में योगदान को याद किया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा, “सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा के मूल अधिकार से जोड़कर नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज सुधार की अलख जगाई। उनका प्रेरणादायी जीवन राष्ट्र निर्माण में सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।”
शिवराज सिंह चौहान ने सावित्रीबाई फुले जयंती पर उनके नारी शिक्षा और समाज सुधार में योगदान को नमन किया
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा, “नारी शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष करने वाली महान समाज सुधारिका, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, श्रद्धेय माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। शोषितों-वंचितों और नारी उत्थान के लिए आपने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं, वे सदैव समाज के नवनिर्माण के लिए हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।”
योगी आदित्यनाथ ने सावित्रीबाई फुले जयंती पर उनके शिक्षा, समानता और नारी सशक्तिकरण में योगदान को याद किया
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “‘क्रांतिज्योति’ सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस, संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा, समानता व महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। नारी सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।”(इनपुट-आईएएनएस)


