ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्वदेशी ताकत का सबूत : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इस बात का प्रमाण है कि भारत अपनी स्वदेशी ताकत और तकनीक के दम पर दुश्मनों को परास्त कर सकता है। उन्होंने यह बात आज रविवार को मध्य प्रदेश के उमरिया में बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (BRAHMA) की आधारशिला रखते हुए कही। यह ग्रीनफील्ड रेल मैन्युफैक्चरिंग सुविधा देश में आधुनिक रोलिंग स्टॉक (वे सभी वाहन जो रेलवे ट्रैक पर चलते हैं) के निर्माण के लिए स्थापित की जाएगी। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष नागरिकों पर हुए आतंकी हमले का करारा जवाब बताया और कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं, लेकिन जो उकसाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसमें सशस्त्र बलों ने स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया, जिससे सफलता हासिल हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि आज भारत न केवल अपने यहां रक्षा उपकरण बना रहा है, बल्कि मित्र देशों को भी निर्यात कर रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का वार्षिक रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया और रक्षा निर्यात भी अब तक का सर्वाधिक 23,622 करोड़ रुपये रहा। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था लगभग 6.5% की दर से बढ़ रही है और देश जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के प्रयासों से भारत 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करेगा।

बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग (BRAHMA) को 148 एकड़ में विकसित किया जाएगा। इस पर अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से 1,800 करोड़ रुपये का निवेश होगा। शुरुआत में यहां 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष बनाए जाएंगे, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा। यह इकाई वंदे भारत ट्रेनसेट, मेट्रो कार, इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट, हाई-स्पीड रेल कोच और अन्य उन्नत रोलिंग स्टॉक का निर्माण करेगी। इससे 5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे और सिंगरौली, सतना, रीवा और कटनी के औद्योगिक क्षेत्रों में एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा। BRAHMA को हरित मैन्युफैक्चरिंग के सिद्धांतों के तहत बनाया जाएगा, जिसमें जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम, सौर और नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन, हरित लैंडस्केपिंग और पुनर्नवीनीकरण निर्माण सामग्री का उपयोग शामिल होगा। यह इकाई उच्च पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन करेगी।

राजनाथ सिंह ने कहा कि BRAHMA जैसे प्रोजेक्ट राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास, दोनों के लिए अहम हैं। उन्होंने बीईएमएल को रक्षा और नागरिक क्षेत्रों की जरूरतें पूरी करने के लिए सराहा और अनुसंधान एवं विकास को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस अवसर पर कृषि, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (वर्चुअली), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, रक्षा उत्पादन सचिव संजय कुमार, बीईएमएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक शांतनु रॉय सहित वरिष्ठ राज्य और केंद्रीय अधिकारी उपस्थित रहे।-(PIB)

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