Print

UAE निवेशकों के लिए भारत में कई क्षेत्रों में अवसर: पीयूष गोयल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत गति से आगे बढ़ रही है और UAE के निवेशकों के लिए कई क्षेत्रों में निवेश के व्यापक अवसर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) भारत-UAE व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण ढांचा है।

गोयल ने अबू धाबी निवेश प्राधिकरण (ADIA) के प्रबंध निदेशक शेख हमेद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को तेज करने और CEPA का पूरा लाभ उठाने को लेकर उपयोगी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत और UAE के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ साझेदारी को नई ऊंचाई तक ले जाने पर जोर दिया जा रहा है।

भारत और UAE ने समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए छह प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें जहाजों का स्वामित्व, आधुनिक बंदरगाह, जहाज निर्माण, जहाजों की मरम्मत और रखरखाव, जहाज तोड़ना तथा कंटेनर निर्माण शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक कार्य समूह बनाया जाएगा। भारतीय पक्ष से इस समूह के साथ समन्वय की जिम्मेदारी जहाजरानी मंत्रालय संभालेगा।

इससे पहले गोयल ने UAE के विदेश व्यापार मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जायौदी से भी मुलाकात की। दोनों के बीच भारत-UAE CEPA के तहत हुई प्रगति और व्यापार तथा निवेश साझेदारी को और मजबूत करने के नए अवसरों पर चर्चा हुई।

ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी चर्चा भी भारत में UAE के निवेश को बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। गोयल ने कहा कि भारत का लक्ष्य UAE के निवेश को मौजूदा करीब 25 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

UAE भारत में अंतरिक्ष, स्टार्टअप, बंदरगाह और जहाज निर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाश रहा है। इसके अलावा भारतीय शेयर बाजार में निवेश की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

गोयल ने कहा कि भारत और UAE के बीच स्थानीय मुद्राओं में होने वाला व्यापार दोहरे अंक के स्तर पर है और दोनों देश इसे और तेजी से बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

इन चर्चाओं की पृष्ठभूमि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मई 2026 में UAE यात्रा के दौरान घोषित समझौतों से जुड़ी है। उस दौरान दोनों देशों ने कच्चे तेल के भंडारण, रणनीतिक भंडार, LNG और LPG बुनियादी ढांचे तथा लंबे समय के लिए LPG आपूर्ति व्यवस्था में सहयोग बढ़ाने की योजनाएं घोषित की थीं।

-(इनपुटः IANS)