फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो से मिलने के बाद बोले पीएम मोदी, ‘हमारा मकसद ट्रेड को दोगुना करना’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत पहुंचे फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के साथ द्विपक्षीय चर्चा की। प्रधानमंत्री ने इस मुलाकात को दोनों देशों के लिए काफी अहम माना।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दो तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “फिनलैंड के प्रधानमंत्री, पेटेरी ओर्पो के साथ लंबी बातचीत हुई। भारत-ईयू एफटीए को उनके व्यक्तिगत तौर पर की गई मदद के लिए उन्हें धन्यवाद दिया, इससे भारत-यूरोप रिश्तों में एक सुनहरा दौर शुरू होगा।”

उन्होंने आगे लिखा कि भारत और फिनलैंड का मकसद ट्रेड को दोगुना करना है, जिससे आर्थिक संबंधों को मजबूती मिलेगी। हमने 6जी, इनोवेशन, क्लीन एनर्जी, बायोफ्यूल, और सर्कुलर इकॉनमी जैसी फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने के बारे में भी बात की।

फिनलैंड के प्रधानमंत्री के साथ पीएम मोदी ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट और डिजिटलीकरण, एआई रिसर्च और एथिकल इनोवेशन में सहयोग पर चर्चा की और यह भी बताया कि भारतीय प्रतिभा द्विपक्षीय सहयोग को कैसे मजबूत कर सकती है। प्रधानमंत्री मोदी ने एआई के क्षेत्र में उभरते इनोवेशन प्लेयर के रूप में फिनलैंड के प्रयासों की सराहना की। दोनों नेताओं ने जिम्मेदार, टैलेंट-ड्रिवन एआई को बढ़ावा देने और सस्टेनेबल भविष्य के लिए टेक-इनेबिल्ड सॉल्यूशन्स का उपयोग करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

16 फरवरी से 20 फरवरी के बीच एआई इम्पैक्ट समिट 2026 आयोजित हो रही है। इस 5 दिवसीय एआई महासम्मेलन में टेक दिग्गजों के अलावा कई देशों के राजनीतिज्ञ और शीर्ष नेता भी जुड़ रहे हैं। पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक सरकारी प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं, जिनमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख और 60 मंत्री शामिल हैं। इसके अलावा, सीईओ, संस्थापक, शिक्षाविद और शोधकर्ता सहित 500 से अधिक वैश्विक एआई नेता भी इसमें शामिल होंगे।

पीएम मोदी ने 16 फरवरी की शाम एआई इंपैक्ट समिट एक्सपो का उद्घाटन किया था और वहां विभिन्न स्टालों को अवलोकन करके देश के स्टार्टअप्स और स्थापित संस्थानों की एआई के मोर्चे पर प्रगति को सराहा था।

‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में राष्ट्राध्यक्ष और सरकारी अधिकारी, मंत्री, वैश्विक प्रौद्योगिकी नेता, बड़े शोधकर्ता, बहुपक्षीय संस्थान और उद्योग जगत के हितधारक एक साथ मिलकर समावेशी विकास को बढ़ावा देने, सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करने और सतत विकास को सक्षम बनाने में एआई की भूमिका पर विचार-विमर्श करेंगे। (इनपुट-आईएएनएस)

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