सामाजिक न्याय एवं सशक्तिकरण मंत्रालय ने कहा है कि ‘सहायता फॉर मार्जिनलाइज्ड इंडिविजुअल्स फॉर लाइवलीहुड एंड एंटरप्राइज (स्माइल)’ योजना के तहत भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों के पुनर्वास का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में यह योजना देश के 216 शहरों में लागू है और इसके तहत अब तक 10,200 से अधिक लोगों का पुनर्वास किया जा चुका है। सरकार ने वित्त वर्ष 2030-31 तक 35,000 लोगों के पुनर्वास का लक्ष्य निर्धारित किया है।
216 शहरों में लागू, 295 शहरों तक होगा विस्तार
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्माइल-भिक्षावृत्ति योजना अगले पांच वर्षों में 295 शहरों तक विस्तारित की जाएगी। वित्त वर्ष 2026-32 के लिए स्वीकृत स्थायी वित्त समिति (एसएफसी) के अनुसार योजना के तहत विशेष रूप से महानगरों, धार्मिक, पर्यटन और ऐतिहासिक स्थलों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शेष पुनर्वास लक्ष्य को वित्त वर्ष 2030-31 तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा।
व्यापक पुनर्वास पर आधारित है योजना
मंत्रालय के अनुसार, स्माइल योजना का उद्देश्य केवल भिक्षावृत्ति से मुक्ति दिलाना नहीं, बल्कि पुनर्वास, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, परामर्श और आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम से लाभार्थियों को सम्मानजनक जीवन और स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। यह योजना केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिला प्रशासन, शहरी स्थानीय निकायों, नगर निगमों और कार्यान्वयन एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से संचालित की जा रही है।
‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ के लक्ष्य पर फोकस
सरकार का कहना है कि योजना का उद्देश्य ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ के विजन को साकार करना है। इसके तहत भिक्षावृत्ति करने वाले लोगों की पहचान, बचाव, पुनर्वास और उन्हें सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल पोर्टल से होगी निगरानी
मंत्रालय ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘स्माइल-भिक्षावृत्ति राष्ट्रीय पोर्टल’ विकसित किया गया है। इसके माध्यम से पुनर्वास केंद्रों और आश्रय गृहों का पंजीकरण, निगरानी और ट्रैकिंग की जा रही है। साथ ही राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में संशोधित संचालन दिशा-निर्देशों, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, जनजागरूकता, संस्थागत सहयोग और सामुदायिक भागीदारी के जरिए पुनर्वास प्रक्रिया को और मजबूत किया जा रहा है। (इनपुट: पीआईबी)


