केंद्र सरकार ने केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों (सीएचईआई) में रिक्त पदों को भरने के लिए मिशन मोड में चलाए गए भर्ती अभियान के तहत 23 मई 2026 तक 32,114 पदों पर नियुक्तियां की हैं। इनमें 18,757 संकाय पद शामिल हैं। सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ शिक्षा के बुनियादी ढांचे, डिजिटल सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण वातावरण को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। यह जानकारी शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
रिक्तियां भरने के लिए लगातार चलाया गया अभियान
शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों में रिक्तियां सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, त्यागपत्र, मृत्यु, नए संस्थानों और परियोजनाओं की शुरुआत तथा विद्यार्थियों की संख्या बढ़ने जैसी विभिन्न वजहों से लगातार उत्पन्न होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि अगस्त 2021, सितंबर 2022 और अक्टूबर 2025 में शिक्षा मंत्रालय ने सभी केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों से मिशन मोड में लंबित रिक्तियों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाने का अनुरोध किया था। इसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग सहित विभिन्न श्रेणियों के रिक्त पदों पर भर्ती की गई।
एनईपी 2020 के तहत बुनियादी ढांचे को मिल रही मजबूती
सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का कार्यान्वयन चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसके तहत विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में शैक्षणिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। नए भवनों का निर्माण, अतिरिक्त कक्षाएं, बेहतर स्वच्छता, दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बाधारहित पहुंच और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार इस दिशा में प्रमुख पहल हैं।
पीएम-श्री, पीएम-ऊषा और समग्र शिक्षा से मिल रहा सहयोग
मंत्री ने बताया कि पीएम-श्री, पीएम-ऊषा और समग्र शिक्षा जैसी योजनाएं सुरक्षित, समावेशी और आधुनिक शिक्षण वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वहीं, पीएम-पोषण और पीएम-विद्यालक्ष्मी जैसी योजनाएं विद्यार्थियों को पोषण और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराकर उनके नामांकन और पढ़ाई जारी रखने में मदद कर रही हैं।
डिजिटल शिक्षा के विस्तार पर विशेष जोर
सरकार ने बताया कि सभी 36 राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में दीक्षा प्लेटफॉर्म को अपनाया गया है। इसके अलावा 200 पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनल, रेडियो सेवाएं, निष्ठा कार्यक्रम के तहत शिक्षकों का प्रशिक्षण, भारतीय सांकेतिक भाषा सामग्री और समग्र शिक्षा के अंतर्गत आईसीटी आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने के लिए जवाहर नवोदय विद्यालयों को स्मार्ट कक्षाओं, कंप्यूटर लैब, लैपटॉप, टैबलेट और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है।
समग्र शिक्षा के तहत बढ़ा निवेश
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि समग्र शिक्षा योजना के तहत पिछले पांच वर्षों में राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों को विद्यालयी शिक्षा के भौतिक और तकनीकी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान केंद्र सरकार ने 2,19,95,029.42 लाख रुपए का आवंटन किया, जबकि राज्यांश सहित कुल 2,67,89,219.41 लाख रुपए का व्यय किया गया। इस राशि का उपयोग विद्यालयी अवसंरचना, डिजिटल सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार के लिए किया गया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से मजबूत हो रही शिक्षा व्यवस्था
सरकार के अनुसार, दीक्षा, पीएम ई-विद्या, ई-पाठशाला, साथी, स्वयं प्लस, स्वयं एमओओसी, एनआईओएस पोर्टल, पीएम ई-विद्या डीटीएच चैनल, मुक्ता विद्या वाणी रेडियो, तारा ऐप, समागम पोर्टल और प्रशस्त ऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन पहलों की नियमित समीक्षा भी की जा रही है, ताकि एनईपी 2020 के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके। (इनपुट: पीआईबी)


