पंचायत उन्नति सूचकांक 2.0 रिपोर्ट जारी, 3,635 पंचायतें बनीं अग्रणी

पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (24 अप्रैल 2026) के अवसर पर वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए पंचायत उन्नति सूचकांक (PAI) 2.0 रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में देशभर की ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का व्यापक आकलन किया गया, जिसमें 3,635 पंचायतें ‘अग्रणी’ श्रेणी में उभरीं, जबकि 1,18,824 पंचायतों ने ‘उत्कृष्ट प्रदर्शन’ श्रेणी में जगह बनाई।

रिकॉर्ड भागीदारी ने रचा नया मानक

इस बार PAI 2.0 में 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 2,59,867 ग्राम पंचायतों ने हिस्सा लिया, जो कुल का 97.30% है। यह भागीदारी पिछले संस्करण (80.79%) की तुलना में बड़ी छलांग मानी जा रही है और स्थानीय शासन में बढ़ती सक्रियता को दर्शाती है।

आजीविका और स्वास्थ्य में पंचायतों का दमदार प्रदर्शन

रिपोर्ट के मुताबिक, पंचायतों ने खास तौर पर गरीबी उन्मूलन, आजीविका सुधार और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। ‘गरीबी मुक्त और बेहतर आजीविका’ श्रेणी में 3,313 पंचायतों ने A+ ग्रेड हासिल किया, जबकि ‘स्वस्थ पंचायत’ के तहत 1,015 पंचायतों को A+ मिला। यह ग्रामीण स्तर पर जीवन गुणवत्ता में सुधार का संकेत है।

डेटा-आधारित शासन की ओर बड़ा कदम

PAI 2.0 पंचायतों के लिए एक प्रभावी “रिपोर्ट कार्ड” के रूप में उभरा है, जो न केवल प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है बल्कि योजना निर्माण और निगरानी को भी मजबूत बनाता है। इस बार 150 संकेतकों और 230 डेटा बिंदुओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया, जिससे आकलन अधिक सटीक और उपयोगी बना है।

पारदर्शिता और टेक्नोलॉजी से सशक्त हुआ सिस्टम

नए संस्करण में कई तकनीकी और प्रशासनिक सुधार शामिल किए गए हैं। एकीकृत डेटा एंट्री सिस्टम, ग्राम सभा द्वारा अनिवार्य सत्यापन, रीयल-टाइम डैशबोर्ड, स्थानीय भाषा समर्थन और विभिन्न राष्ट्रीय पोर्टलों से ऑटो डेटा इंटीग्रेशन जैसे कदमों ने पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया है।

प्रदर्शन के आधार पर पांच श्रेणियों में वर्गीकरण

पंचायतों को उनके समग्र स्कोर के आधार पर पांच श्रेणियों—अचीवर (A+), फ्रंट रनर (A), परफॉर्मर (B), एस्पिरेंट (C) और बिगिनर (D)—में वर्गीकृत किया गया है। यह प्रणाली न केवल प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है बल्कि सुधार के स्पष्ट रास्ते भी दिखाती है।

‘विकसित ग्राम पंचायत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ता भारत

PAI 2.0 रिपोर्ट सहभागी, पारदर्शी और डेटा-आधारित शासन की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह न केवल बेहतर नीति निर्माण में मदद करती है, बल्कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को मॉडल के रूप में स्थापित कर अन्य पंचायतों को भी प्रेरित करती है। (इनपुट: पीआईबी)