दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने सोमवार को बताया कि पिछले एक महीने के दौरान सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया के तहत ये प्रतिक्रियाएं मिलीं।
सरकार ने मसौदा नीति को 30 दिनों के लिए सार्वजनिक किया था और 10 मई तक आम लोगों तथा संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे गए थे।
पंकज कुमार सिंह ने कहा कि नागरिकों, उद्योग जगत, संस्थानों और विशेषज्ञों से मिली भारी प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि दिल्ली स्वच्छ, हरित और भविष्य के अनुरूप परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी प्रगतिशील और व्यावहारिक नीति बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, जो स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की रक्षा भी सुनिश्चित करे।
परिवहन विभाग ने सुझाव लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों का उपयोग किया। इसके अलावा दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया, मालवाहक वाहन और ई-रिक्शा क्षेत्र से जुड़े मूल उपकरण निर्माता कंपनियों के साथ कई बैठकें भी आयोजित की गईं।
इसके साथ ही चार्जिंग केंद्र संचालकों, बैटरी बदलने की सुविधा देने वाली कंपनियों, वाहन कबाड़ प्रबंधन इकाइयों, बैटरी पुनर्चक्रण कंपनियों, बिजली वितरण कंपनियों और बेड़ा संचालकों सहित विद्युत वाहन क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों से भी विचार-विमर्श किया गया।
कुल प्राप्त प्रतिक्रियाओं में लगभग 400 सुझाव आम नागरिकों से मिले। इनमें वाहन मालिक, यात्री, आवासीय कल्याण संघ, विद्यार्थी, सामान वितरण कर्मी और अस्थायी कामगार शामिल रहे।
करीब 200 सुझाव उद्योग क्षेत्र से जुड़े पक्षों की ओर से आए, जबकि 50 से अधिक प्रतिक्रियाएं विद्यालयों, गैर-सरकारी संगठनों, शोध संस्थानों, विश्वविद्यालयों, पर्यावरण समूहों और नीति सलाहकार संस्थाओं ने भेजीं।
इसके अलावा विभिन्न सरकारी विभागों, मंत्रालयों और वैधानिक संस्थाओं की ओर से भी करीब एक दर्जन सुझाव प्राप्त हुए।
परिवहन मंत्री ने कहा कि उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को नीति में शामिल किया जाएगा ताकि इसे अधिक मजबूत, समावेशी और प्रभावी बनाया जा सके।
-आईएएनएस


