केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में थाईलैंड की उप-प्रधानमंत्री एवं वाणिज्य मंत्री सुपाजी सुथुमपुन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-थाईलैंड आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने, द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, कारोबारी अवसरों का विस्तार करने और दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच संबंधों को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर चर्चा
बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार में संतुलित और सतत विकास को बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया। दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ाने के लिए मिलकर समाधान विकसित करने तथा कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
कारोबारी नेटवर्क मजबूत करने पर जोर
दोनों मंत्रियों ने कारोबारी नेटवर्क के विस्तार और व्यापार-से-व्यापार सहभागिता को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके लिए भारत और थाईलैंड में व्यापार संवर्धन गतिविधियों को मजबूत करने और उद्यमों के लिए बाजार के अवसर बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
एआईटीआईजीए समीक्षा में तेजी पर जोर
बैठक में आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा की प्रगति पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों पक्षों ने समयबद्ध तरीके से भारत-थाईलैंड संयुक्त व्यापार समिति (जेटीसी) के माध्यम से द्विपक्षीय सहभागिता को और गहरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संतुलित बाजार पहुंच पर सहमति
भारत और थाईलैंड ने ऐसे संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचे के महत्व को स्वीकार किया, जो व्यापक बाजार पहुंच का समर्थन कर सके और दोनों देशों के कारोबारों के लिए नए अवसर पैदा करे। दोनों पक्षों ने व्यापार एवं निवेश संबंधों में संतुलित और सतत विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
थाई कारोबारियों से भी संवाद
पीयूष गोयल और सुपाजी सुथुमपुन ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और नवाचार, स्वास्थ्य एवं कल्याण तथा व्यापार और निवेश संवर्धन जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे थाई कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल को भी संबोधित किया। इस दौरान दोनों देशों के निजी क्षेत्रों के बीच सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया गया।
रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की कोशिश
भारत और थाईलैंड के बीच लंबे समय से सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी भी लगातार मजबूत हुई है। भारत और थाईलैंड अब द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ाने के साथ निजी क्षेत्र के बीच सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़ाव मजबूत करने पर जोर
दोनों देशों के मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों ने व्यापार को सुगम बनाने और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दों के समाधान की जरूरत पर जोर दिया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के साथ भारत और थाईलैंड के कारोबारी संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
आर्थिक सहभागिता गहरी करने की प्रतिबद्धता
बैठक के दौरान दोनों देशों ने आर्थिक सहभागिता को और गहरा करने, कारोबारी साझेदारियों को मजबूत करने तथा मजबूत, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार एवं निवेश संबंध बनाने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई। (इनपुट: पीआईबी)


