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पीयूष गोयल ने एमपी लीड फेलो से कहा- नवाचार अपनाएं, विकसित भारत के निर्माण में दें योगदान

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को एमपी लीड फेलो के साथ संवाद करते हुए विकसित भारत 2047 के विजन, युवाओं की भूमिका और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी पर चर्चा की। उन्होंने फेलो को नवाचार अपनाने, सार्थक सार्वजनिक सेवा से जुड़ने और देश की विकास यात्रा में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

विकसित भारत 2047 पर हुई चर्चा

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एमपी लीड फेलो के साथ हुई बातचीत में विकसित भारत 2047 की परिवर्तनकारी यात्रा, सार्वजनिक नीति निर्माण में युवाओं की जागरूक भागीदारी और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

एमएसएमई की भूमिका पर दिया जोर

मंत्री ने कहा कि चर्चा के दौरान नवाचार, उद्यमिता, रोजगार सृजन और समावेशी आर्थिक विकास को गति देने में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के महत्वपूर्ण योगदान पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।

युवाओं को किया प्रेरित

गोयल ने एमपी लीड फेलो से नवाचार को अपनाने, सार्थक सार्वजनिक सेवा में भागीदारी करने और भारत की विकास यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसके युवा हैं और उन्हें विश्वास है कि यही युवा देश के उज्ज्वल भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

आईसीएआई के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर

इससे पहले बुधवार को पीयूष गोयल ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के नेतृत्व के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि आईसीएआई के साथ सहयोग को मजबूत करना भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देने और वैश्विक व्यापार संबंधी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।

व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

बैठक में सरकार और लेखा पेशे के बीच सहयोग बढ़ाने, व्यापार एवं निवेश को सुगम बनाने और वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने पर चर्चा हुई। साथ ही उभरते वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने में व्यवसायों की सहायता करने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की बदलती भूमिका पर भी विचार-विमर्श किया गया।

एफटीए के अवसरों का लाभ उठाने पर चर्चा

गोयल ने कहा कि बैठक में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तंत्र में संस्थागत भागीदारी बढ़ाने पर भी विचार हुआ। उन्होंने कहा कि आईसीएआई जैसे पेशेवर संस्थानों की अधिक भागीदारी से उद्योग जगत भारत के बढ़ते व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों को बेहतर ढंग से समझ सकेगा और उनका लाभ उठा सकेगा। (इनपुट: आईएएनएस)

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