2026-31 तक जारी रहेगी पीएम-अजय योजना, बढ़ेगा वित्तीय परिव्यय; एससी समुदायों के सशक्तिकरण पर सरकार का जोर

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए संचालित प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक बढ़े हुए वित्तीय परिव्यय के साथ जारी रखने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का कहना है कि योजना के तहत अब तक अवसंरचना विकास, शिक्षा, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

2021-22 से अब तक 4,276.62 करोड़ रुपए जारी

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021-22 में शुरू की गई पीएम-अजय योजना को तीन प्रमुख घटकों—आदर्श ग्राम, सहायता अनुदान और छात्रावास—के माध्यम से लागू किया जा रहा है। वर्ष 2025-26 तक इस योजना के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 4,276.62 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं। वहीं, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने 3,185.072 करोड़ रुपए के उपयोग की जानकारी दी है। केवल वर्ष 2025-26 में ही 1,100.09 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

नीति आयोग ने बताया प्रभावी

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने बताया कि विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO), नीति आयोग के स्वतंत्र मूल्यांकन में पीएम-अजय योजना को प्रभावी पाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, योजना ने अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में अवसंरचना, बिजली, बैंकिंग सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और आजीविका के अवसरों तक पहुंच बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

3,112 गांवों की हुई पहचान

मंत्रालय के अनुसार, ‘आदर्श ग्राम’ घटक के तहत वर्ष 2018-19 से अब तक 3,112 गांवों की पहचान की गई है। इनमें से 3,111 गांव तमिलनाडु में हैं, जहां मॉडल गांव विकसित करने के लिए नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत किया गया है।

योजना का दायरा होगा और व्यापक

सरकार ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पीएम-अजय योजना को बढ़े हुए वित्तीय परिव्यय के साथ जारी रखने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य योजना का दायरा बढ़ाना, अवसंरचना विकास में तेजी लाना, स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करना और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक सहायता को और मजबूत करना है।

सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता

सरकार ने कहा कि पीएम-अजय के माध्यम से अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने, समावेशी विकास सुनिश्चित करने तथा विकास का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचाने के लिए वह प्रतिबद्ध है। (इनपुट: पीआईबी)