नारी शक्ति पर पीएम का जोर, संस्कृत सुभाषित से समझाया महत्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद की विशेष बैठक की शुरुआत के मौके पर नारी सशक्तिकरण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि देश इस दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है और माताओं-बहनों का सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।

संसद सत्र को लेकर बड़ा संकेत

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक देश के लिए अहम है, जहां नारी सशक्तिकरण को मजबूत करने वाले फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार इस दिशा में पूरी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रही है।

संस्कृत सुभाषित से दिया संदेश

पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर एक संस्कृत सुभाषितम् भी साझा किया— “व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्। ता त्वामुषर्वसूयवो गीर्भिः कण्वा अहूषत॥”

नारी की भूमिका को बताया प्रकाश स्रोत

इस सुभाषित का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि नारी अपने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञान के अंधकार को दूर करती है और पूरे संसार को प्रकाशित करती है। इसलिए समृद्धि और उच्च गुणों की कामना करने वाले लोग सदैव नारी का सम्मान करते हैं।

सोशल मीडिया पर भी साझा किया संदेश

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी यह संदेश साझा करते हुए नारी सम्मान को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया। उन्होंने लिखा कि माताओं-बहनों का सम्मान ही देश की असली ताकत है और इसी सोच के साथ सरकार आगे बढ़ रही है। (इनपुट: पीआईबी)