अफगानिस्तान के पूर्वी हिस्से में रविवार देर रात आए 6.0 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस दुखद घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक जताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अफगानिस्तान में आए भूकंप से हुई जनहानि से अत्यंत दुखी हूं। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। हम घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय मदद और राहत देने के लिए तैयार है।”
इस आपदा में जान-माल की भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। भूकम्प का सबसे ज्यादा असर कुनर और नंगरहार प्रांत में रहा , जहां बड़ी संख्या में घर ढह गए और कई लोग मलबे में दब गए। तालिबान प्रशासन के आंतरिक मंत्रालय के मुताबिक मृतकों और घायलों की संख्या और बढ़ सकती है।राहतकर्मी और स्थानीय लोग पूरी रात बचाव कार्य में लगे रहे। हेलीकॉप्टरों की मदद से कई गंभीर घायलों को अस्पतालों तक पहुंचाया गया, जबकि राहत टीमें दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में भी भेजी गईं हैं।
मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल मतीन कानी ने कहा कि सभी टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं और सुरक्षा, भोजन व स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राजधानी काबुल से भी लगातार सहायता पहुंचाई जा रही है। जून 2022 के बाद यह अफगानिस्तान का सबसे घातक भूकंप माना जा रहा है। उस समय 6.1 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 1000 लोगों की मौत हुई थी। मानवीय संकट और सीमित संसाधनों से जूझ रहे अफगानिस्तान के लिए यह आपदा हालात को और कठिन बना रही है।-(Input with PIB)


