प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विवेकानंद शिला स्मारक एवं विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष ए. बालकृष्णन के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि बालकृष्णन ने अपने जीवन के पांच दशक से अधिक समय स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और राष्ट्र सेवा को समर्पित किया।
पूर्वोत्तर से रहा विशेष जुड़ाव
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बालकृष्णन के साथ मुलाकात की पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष के रूप में सेवा करने वाले ए. बालकृष्णन जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। वे विवेकानंद केंद्र के प्रारंभिक जीवनव्रतियों में से एक थे और पूरे देश में अथक परिश्रम करते रहे। पूर्वोत्तर से उनका विशेष जुड़ाव था। उन्होंने शैक्षिक, सामाजिक और राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।”
उन्होंने विवेकानंद केंद्र परिवार और उनके प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों ने दी श्रद्धांजलि
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी ए. बालकृष्णन के निधन पर दुख जताया। उन्होंने लिखा, “उनकी नि:स्वार्थ सेवा और खासकर अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में उनके अहम योगदान को अरुणाचल प्रदेश के लोग और पूरा देश हमेशा याद रखेगा। वे एक सच्चे कर्मयोगी थे।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि बालकृष्णन ने स्वामी विवेकानंद के विचारों को जीवनधर्म मानकर पांच दशकों से अधिक समय तक राष्ट्रकार्य, सामाजिक जागरण, शिक्षा और संगठन निर्माण में स्वयं को समर्पित रखा। विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत में उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने उन्हें सच्चे कर्मयोगी और जीवनव्रती कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उन्होंने कन्याकुमारी के समुद्र तट से लेकर असम में ब्रह्मपुत्र के तट तक देशभर में विवेकानंद केंद्रों को नई ऊर्जा दी। असम सहित पूर्वोत्तर में शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। ए. बालकृष्णन का जीवन सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक रहा। उनके निधन से विवेकानंद केंद्र परिवार और असंख्य प्रशंसकों में शोक की लहर है। (इनपुट-एजेंसी)


