पीएम मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में आए विदेश मंत्रियों से की मुलाकात  

दो दिवसीय ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने आए विभिन्न देशों के विदेश मंत्रियों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुलाकात की। यह कार्यक्रम पहले से निर्धारित था और विदेश मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक जानकारी पहले ही जारी कर दी थी।

पीएम ने सेवा तीर्थ में सभी विदेश मंत्रियों के साथ संयुक्त मुलाकात की

प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ में सभी विदेश मंत्रियों के साथ संयुक्त मुलाकात की। तय कार्यक्रम के अनुसार, आज शाम 7 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की ओर से भारत मंडपम में सभी प्रतिनिधियों के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। यह मुलाकात भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान हो रही महत्वपूर्ण बैठक का हिस्सा है।

गुरुवार सुबह बैठक में शामिल होने के लिए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्री ने भारत मंडपम में विदेश मंत्रियों का विधिवत स्वागत कियाभारत मंडपम में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने दुनिया भर से पधारे विदेश मंत्रियों का विधिवत स्वागत किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एस. जयशंकर ने वैश्विक मुद्दों पर भारत के स्पष्ट रुख का उल्लेख किया।

विदेश मंत्री ने कहा- शांति और सुरक्षा वैश्विक व्‍यवस्‍था के केंद्र में 

उन्होंने कहा, “शांति और सुरक्षा वैश्विक व्‍यवस्‍था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया है। इस जटिल और अनिश्चित दुनिया में चर्चाओं को समानता और साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। डॉ. जयशंकर ने कहा कि तकनीकी प्रगति, वैश्विक परिदृश्‍य को नया आकार दे रही है और इसका उपयोग सुशासन तथा समावेशी विकास के लिए किया जा सकता है। उन्‍होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने को लेकर भी साझा हित जुड़े हैं।”

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि समुद्री रास्तों में बाधा और ऊर्जा ढांचे पर खतरे पूरी दुनिया की आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे समय में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री प्रवाह बेहद जरूरी है।

बैठक में ब्रिक्‍स देशों के विदेश मंत्री तथा सदस्‍य और भागीदार देशों के शिष्‍टमंडल प्रमुख ले रहे भाग 

बैठक में ब्रिक्‍स देशों के विदेश मंत्री तथा सदस्‍य और भागीदार देशों के शिष्‍टमंडल प्रमुख भाग ले रहे हैं। भारत की अध्‍यक्षता में आयोजित इस वर्ष का विषय है—”लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण।” यह विषय प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मानवता प्रथम और जनकेंद्रित दृष्टिकोण से प्रेरित है।

बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, रूस के विदेश मंत्री सरगई लावरोफ, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची, इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो, मलेशिया के विदेश मंत्री दातो सेरी उतामा मोहम्मद बिन हाजी हसन, संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मामलों के राज्य मंत्री खलीफा शाहीन अल मरार, और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला सहित अन्य लोग भाग ले रहे हैं।

शुक्रवार को दूसरे दिन, ब्रिक्‍स संगठन के सदस्‍य और साझेदार देश ब्रिक्‍स एट 20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण विषय पर एक विशेष सत्र में भाग लेंगे। इसके बाद वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार पर चर्चा की जाएगी। (इनपुट-एजेंसी)

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