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पीएम मोदी ने महाराजा अग्रसेन, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख को जयंती पर किया नमन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को महाराजा अग्रसेन, लोकनायक जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने तीनों महान व्यक्तित्वों के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके विचार और आदर्श आज भी देशवासियों को प्रेरित करते हैं। उन्होंने महाराजा अग्रसेन के सामाजिक सद्भाव, लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सुशासन और राष्ट्र निर्माण के विचारों तथा नानाजी देशमुख के ग्रामीण विकास और सामुदायिक भागीदारी के प्रयासों को रेखांकित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित, सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए इन महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेना आवश्यक है।

महाराजा अग्रसेन के आदर्श मानवता का मार्ग दिखाते हैं

प्रधानमंत्री मोदी ने महाराजा अग्रसेन की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए जनसेवा और सामाजिक सद्भाव के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन का जीवन और उनके आदर्श लोगों को निरंतर मानवता के मार्ग पर चलने की सीख देते हैं। उनके महान विचार भारत के सांस्कृतिक उत्थान के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में कहा, “जनसेवा और सामाजिक सद्भाव के प्रणेता महाराजा अग्रसेन को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। उनके जीवन और आदर्शों से हमें निरंतर मानवता के मार्ग पर चलने की सीख मिलती है। उनके महान विचार भारत के सांस्कृतिक उत्थान के लिए सदैव प्रेरणापुंज बने रहेंगे।”

लोकनायक जयप्रकाश नारायण के सुशासन के आदर्शों को किया याद

प्रधानमंत्री ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें स्मरण करते हुए राष्ट्र निर्माण और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि लोकनायक का प्रभाव कई पीढ़ियों तक रहा और उन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सार्वजनिक जीवन राष्ट्र के नव-निर्माण का माध्यम बन सकता है।

पीएम नरेंद्र मोदी ने आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण की निडर आवाज और सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी याद किया। उन्होंने कहा कि लोकनायक समाज के वंचित और हाशिए पर रहने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर अपने संदेश में कहा, “लोकनायक जयप्रकाश नारायण को उनकी जयंती पर स्मरण कर रहा हूं। उनका प्रभाव कई पीढ़ियों तक रहा। उन्होंने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि सार्वजनिक जीवन राष्ट्र के नव-निर्माण का माध्यम बन सकता है। आपातकाल के दौरान उनकी निडर आवाज भी उल्लेखनीय थी।”

उन्होंने आगे कहा कि लोकनायक जेपी सुशासन सुनिश्चित करने और समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध थे। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ते हुए देश उनके आदर्शों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

नानाजी देशमुख के ग्रामीण विकास में योगदान को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक उत्कृष्ट राष्ट्र-निर्माता के रूप में उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि नानाजी देशमुख ने अपने विचारों और कार्यों से यह साबित किया कि वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत जमीनी स्तर से होती है।

पीएम मोदी ने कहा कि नानाजी देशमुख ने राजनीतिक संकल्प को रचनात्मक सामाजिक कार्यों से जोड़ा और अपना जीवन ग्रामीण विकास तथा सामुदायिक भागीदारी के लिए समर्पित कर दिया। उनके कार्यों ने समाज के स्तर पर बदलाव लाने और ग्रामीण क्षेत्रों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

प्रधानमंत्री ने एक्स पर अपने संदेश में कहा, “नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि। उन्हें एक उत्कृष्ट राष्ट्र-निर्माता के रूप में आदरपूर्वक याद किया जाता है, जिन्होंने अपने विचारों और कार्यों से यह साबित किया कि वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत जमीनी स्तर से होती है। उनका जीवन राजनीतिक संकल्प और रचनात्मक सामाजिक कार्यों का एक अनूठा संगम था और उन्होंने स्वयं को ग्रामीण विकास तथा सामुदायिक भागीदारी के लिए समर्पित कर दिया।” प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के नानाजी देशमुख के सपने को साकार करने में देश कोई कसर नहीं छोड़ेगा। (इनपुट: पीआईबी)