ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने रियो म्यूजियम पहुंचे पीएम मोदी, वैश्विक मुद्दों पर करेंगे अहम चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार को रियो-डी- जेनेरियो के म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट पहुंचे, जहां उनका ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला द सिल्वा ने गर्मजोशी से स्वागत किया। वे यहां 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील की चौथी यात्रा है। पीएम ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद ब्रासीलिया में एक द्विपक्षीय राजकीय यात्रा भी करेंगे। शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार, शांति और सुरक्षा, बहुपक्षवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिम्मेदारी भरा उपयोग, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक स्वास्थ्य और आर्थिक मुद्दों पर अन्य नेताओं से विचार-विमर्श करेंगे। रविवार को सम्मेलन की शुरुआत ‘वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार’ विषय पर चर्चा से हुई, जिसमें केवल पूर्ण सदस्य देशों ने भाग लिया।

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “एक संस्थापक सदस्य के रूप में भारत ब्रिक्स को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग का एक अहम मंच मानता है। हम एक शांतिपूर्ण, न्यायसंगत, लोकतांत्रिक और संतुलित बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की दिशा में साथ काम कर रहे हैं। इस शिखर सम्मेलन के दौरान मैं कई वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात करूंगा।” उन्होंने कहा “यह यात्रा भारत-ब्राजील साझेदारी को मजबूत करने और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।”

यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी के पांच देशों के दौरे का चौथा चरण है। वे शनिवार को अर्जेंटीना की ऐतिहासिक यात्रा पूरी कर ब्राजील पहुंचे। गौरतलब है कि पिछला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन अक्टूबर 2024 में रूस के कजान शहर में हुआ था, जिसमें पीएम मोदी ने वैश्विक चुनौतियों जैसे युद्ध, जलवायु संकट और साइबर खतरों पर चिंता जताई थी। इस बार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम : “समावेशी और टिकाऊ शासन के लिए वैश्विक दक्षिण सहयोग को सशक्त बनाना।” है। आज रविवार को पहले दिन तीन मुख्य विषयों -वैश्विक शासन प्रणाली में सुधार, शांति एवं सुरक्षा, बहुपक्षवाद, आर्थिक एवं वित्तीय विषय और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चा होगी। इसके बाद ब्राजील के राष्ट्रपति लूला एक आधिकारिक स्वागत समारोह की मेजबानी करेंगे।

सोमवार को सम्मेलन के अंतिम दिन पर्यावरण, COP30 और वैश्विक स्वास्थ्य पर चर्चा की जाएगी। यह सम्मेलन भारत के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि 2026 में भारत ब्रिक्स अध्यक्षता ग्रहण करेगा। भारत ने पिछली बार 2021 में अध्यक्षता की थी, जब ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ भी मनाई गई थी। भारत लगातार वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने और विकासशील देशों के हितों को वैश्विक मंचों पर आगे रखने के लिए प्रतिबद्ध है। -(IANS)

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