प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया जाना भारतीय विरासत, संस्कृति और साहित्य को वैश्विक मंच पर पहुंचाने की उनकी पहल की एक और मिसाल है। प्रधानमंत्री की पहल और कार्यों को सामने लाने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘मोदी स्टोरी’ ने शनिवार को एक पोस्ट में कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब पीएम मोदी ने भारतीय संस्कृति को दुनिया के सामने रखने का प्रयास किया है।
तिरुक्कुरल के शाश्वत ज्ञान को सीमाओं के पार पहुंचाने की पहल
‘मोदी स्टोरी’ ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी संस्करण भेंट किए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महान तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर की कालजयी रचना के शाश्वत ज्ञान को भाषाओं और सीमाओं के पार पहुंचाने का प्रयास है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आए हैं पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली में हो रहा है। इसी दौरान पीएम मोदी ने उन्हें तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया।
नैतिकता, राजनीति और प्रेम पर आधारित है तिरुक्कुरल
तिरुक्कुरल तमिल साहित्य और दर्शन की कालजयी कृति है, जिसमें नैतिकता, राजनीति और प्रेम जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत किए गए हैं। इसके रचयिता महान तमिल संत और दार्शनिक तिरुवल्लुवर को वल्लुवर के नाम से भी जाना जाता है।
2019 में आधुनिक भारतीय कृतियों के अनुवाद की पहल
‘मोदी स्टोरी’ की पोस्ट में साहित्य अकादमी के पूर्व सचिव के. श्रीनिवासन के बयान का हवाला देते हुए कहा गया कि 2019 में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने 10 आधुनिक भारतीय कृतियों का रूसी, चीनी और अंग्रेजी भाषाओं में अनुवाद कराने की पहल की थी। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय साहित्य को वैश्विक पाठकों तक पहुंचाना था।
वैश्विक मंच पर भारतीय भाषाओं को मिली जगह
श्रीनिवासन ने कहा कि पीएम मोदी ने भारतीय संस्कृति, साहित्य और भाषाओं के लिए वैश्विक मंच पर जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि देश में उत्कृष्ट साहित्यिक रचनाएं होती रही हैं, लेकिन उन्हें दुनिया के सामने प्रस्तुत करने में कठिनाई आती रही है।
तीन भाषाओं में अनुवाद के लिए तैयार हुई पुस्तकों की सूची
उन्होंने बताया कि 2020 में विदेश मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय से संपर्क कर तीन भाषाओं में अनुवाद के लिए 10 पुस्तकों की सूची तैयार की गई। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की अध्यक्षता में आयोजित एससीओ शिखर सम्मेलन वर्चुअल माध्यम से हुआ और इसी दौरान इन पुस्तकों का विमोचन किया गया।
भारतीय साहित्य और भाषाओं को लेकर गंभीरता का संदेश
श्रीनिवासन ने कहा कि पीएम मोदी ने उस समय इस बात पर जोर दिया था कि भारत ने वह लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिसे लेकर उन्होंने पहल की थी। उन्होंने कहा कि यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय साहित्य और भारतीय भाषाओं को लेकर कितने गंभीर हैं।
पुतिन को पहले भी भेंट कर चुके हैं भगवद्गीता
‘मोदी स्टोरी’ ने यह भी याद दिलाया कि दिसंबर 2025 में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने उन्हें भगवद्गीता का रूसी संस्करण भी भेंट किया था।
भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति का उदाहरण
‘मोदी स्टोरी’ ने पीएम मोदी की इस पहल को भारतीय सांस्कृतिक कूटनीति का उदाहरण बताते हुए कहा कि इसके जरिए भारतीय विरासत, साहित्य और संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रमुखता से प्रस्तुत किया जा रहा है। (इनपुट: आईएएनएस)


