प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बुधवार को ब्रिटेन और मालदीव के राजकीय दौरे पर जा रहे हैं। रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करेगी और इसके ठोस परिणाम सामने आएंगे।
यात्रा से पहले जारी अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी है, जिसने हाल के वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है। हमारा सहयोग व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, शिक्षा, अनुसंधान, सतत विकास, स्वास्थ्य और लोगों से लोगों के संबंधों जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।”
प्रधानमंत्री की ब्रिटेन यात्रा 23-24 जुलाई के बीच होगी, जो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के निमंत्रण पर हो रही है। यह पीएम मोदी की चौथी ब्रिटेन यात्रा है। प्रस्थान वक्तव्य में पीएम मोदी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री स्टार्मर के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी, ताकि समृद्धि, विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा सके। पीएम मोदी ने कहा कि वह ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे।
उन्होंने आगे कहा, इसके बाद, मैं राष्ट्रपति डॉ. मोहम्मद मुइज़्ज़ू के निमंत्रण पर मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के समारोह में शामिल होने के लिए मालदीव का दौरा करूंगा। इस वर्ष हमारे दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ भी है। मैं राष्ट्रपति मुइज़्ज़ू और अन्य राजनीतिक नेतृत्व के साथ अपनी बैठकों की प्रतीक्षा कर रहा हूं जिससे कि एक व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी के हमारे संयुक्त विजन को आगे बढ़ाया जा सके और हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता के लिए हमारे सहयोग को सुदृढ़ बनाया जा सके।
पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि इस यात्रा से ठोस परिणाम प्राप्त होंगे, जिससे देश के लोगों को लाभ होगा तथा हमारी पड़ोसी प्रथम नीति को बढ़ावा मिलेगा।
दरअसल, इस यात्रा का विशेष महत्व है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी 26 जुलाई को मालदीव के 60वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। यही नहीं, इस वर्ष भारत और मालदीव के बीच राजनयिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ भी मनाई जा रही है।
वहीं, प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति और ‘विजन महासागर’ के तहत समुद्री पड़ोसियों के साथ संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। (PIB)


