प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। यह मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के इतर हुई।
बैठक में शामिल रहे शीर्ष अधिकारी
वार्ता के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की।
ईरान और आर्मेनिया के नेताओं से पहले की मुलाकातें
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ समिट से इतर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से मुलाकात की। उन्होंने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीके तलाशे। उन्होंने पश्चिम एशिया समेत क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आर्मेनिया के साथ संबंधों को और गहरा तथा व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुतिन से मुलाकात और नोमैड गेम्स का कार्यक्रम
दिन के बाद के कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा वे किर्गिज़ राष्ट्रपति के निमंत्रण पर छठे विश्व नोमैड गेम्स (World Nomad Games) के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे।
रविवार को किर्गिज़ समुदायों से मुलाकात
रविवार को बिश्केक पहुंचने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने स्थानीय किर्गिज़ समुदायों के विभिन्न लोगों से मुलाकात की थी। वे उज्बेकिस्तान की राजकीय यात्रा पूरी करने के बाद किर्गिस्तान पहुंचे हैं। यह दौरा राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर हो रहा है।
एससीओ शिखर सम्मेलन का महत्व
26वां एससीओ शिखर सम्मेलन सदस्य देशों के नेताओं को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने तथा संगठन के भीतर सहयोग बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। संगठन अपने 25 वर्ष पूरे कर रहा है।
बिश्केक सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी की भागीदारी से एससीओ और मध्य एशियाई भागीदारों के साथ भारत के जुड़ाव को और मजबूत होने की उम्मीद है। बिश्केक में चल रहे इस कूटनीतिक सिलसिले में भारत मध्य एशिया से अपने संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में सक्रिय दिख रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


