प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार शाम 5 बजे नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत लगभग 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करेंगे।
कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर कहा,
“आज शाम 5 बजे मैं एक कार्यक्रम में भाग लूंगा, जहां ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के अंतर्गत लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी। यह हमारी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करना है।”
https://x.com/narendramodi/status/2067807115230761148?s=20
योजना की प्रमुख बातें:
– पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि।
– नए कर्मचारी रखने वाले नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी प्रति माह 3,000 रुपये तक का प्रोत्साहन।
– विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं को 4 वर्ष तक लाभ, अन्य क्षेत्रों को 2 वर्ष तक।
– योजना की शुरुआत 1 अगस्त 2025 से हुई।
– अब तक देशभर में 15 लाख नए रोजगार अवसर सृजित हो चुके हैं।
– कुल बजट: 99,446 करोड़ रुपये।
– दो वर्षों में लक्ष्य: 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियां, जिनमें 1.92 करोड़ पहली बार कार्यबल में आने वाले युवा शामिल।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह राशि वितरण ‘पीएम-वीबीआरवाई’ के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ‘पीएम-वीबीआरवाई’ भारत सरकार की प्रमुख रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन में तेजी लाना, रोजगार को औपचारिक बनाना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और सभी सेक्टरों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। इस प्रोत्साहन के माध्यम से देश भर में 15 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं।
‘पीएम-वीबीआरवाई’ योजना का उद्देश्य श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे उन्हें कार्यबल में शामिल होने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी प्रति माह 3,000 रुपए तक का प्रोत्साहन मिलता है, जिससे सतत रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलता है।
आर्थिक विकास को गति देने में विनिर्माण के कार्यनीतिक महत्व को देखते हुए, विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ता 4 साल की अवधि के लिए प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र हैं, जबकि अन्य सभी सेक्टरों के नियोक्ता दो वर्षों के लिए प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना रोजगार-आधारित विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि भारत की आर्थिक प्रगति के लाभ उसके युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण औपचारिक रोजगार के अवसरों में परिवर्तित हों।बता दें कि सरकार इसे विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक अहम पहल मान रही है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी योजना के लाभार्थी युवाओं और नियोक्ताओं को भी संबोधित करेंगे। (इनपुट-एजेंसी)


