प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत और जापान की आर्थिक साझेदारी विश्वास, रणनीतिक तालमेल और स्पष्ट दृष्टि पर आधारित है। उन्होंने जापानी कंपनियों से अगले 10 वर्षों में भारत में निवेश को 10 ट्रिलियन येन से आगे ले जाने और भारत में जापानी कंपनियों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा।
भारत-जापान आर्थिक साझेदारी की सराहना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के संबंध बेहद विशेष हैं और दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी की कई सफल मिसालें मौजूद हैं। उन्होंने हरियाणा के खरखौदा में मारुति सुजुकी के नए संयंत्र के उद्घाटन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज दुनिया में सुजुकी की दो-तिहाई कारों का निर्माण भारत में हो रहा है और उनका निर्यात 100 से अधिक देशों में किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कावासाकी, यामाहा और होंडा की मोटरसाइकिलें भी भारत में बनकर दुनिया के कई देशों में निर्यात की जा रही हैं।
भारत सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन में बाधाओं, व्यापारिक अनिश्चितताओं और मांग में कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.7% रही। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने ‘काइज़ेन’ यानी निरंतर सुधार की अवधारणा को अपनाते हुए कर व्यवस्था, सुशासन और कारोबार सुगमता के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार चार वर्षों से जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) के सर्वे में भारत जापानी कारोबार के लिए सबसे आशाजनक निवेश गंतव्य बना हुआ है।
पीएमओ करेगा ‘जापान बिजनेस वीक’ का आयोजन
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) विशेष रूप से ‘जापान बिजनेस वीक’ का आयोजन करेगा। इस दौरान पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और कारोबार सुगमता को और बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
एआई, रक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि उनकी और जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बीच आर्थिक सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रक्षा और स्वास्थ्य सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की सरकारों के बीच रणनीतिक तालमेल, विश्वास और स्पष्टता मौजूद है, जिसे अब उद्योग जगत को ठोस परिणामों में बदलना होगा।
सेमीकंडक्टर से लेकर क्लीन एनर्जी तक साझा विजन
प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ऐसे भविष्य की कल्पना करते हैं, जहां जापान की तकनीक और भारत की बाजार क्षमता मिलकर सेमीकंडक्टर, फार्मा और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में दुनिया को मजबूत सप्लाई चेन उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जापान की पूंजी और भारत की महत्वाकांक्षा मिलकर शिपबिल्डिंग, मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर सकती है। साथ ही भारत और जापान के स्टार्टअप एआई, क्वांटम तकनीक और बायोटेक के क्षेत्र में अगली पीढ़ी के समाधान विकसित कर सकते हैं तथा एयरोस्पेस और रक्षा सहयोग वैश्विक सुरक्षा को नई मजबूती देगा।
साझेदारी से वैश्विक कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और जापान को विश्वास और आशावाद के साथ आगे बढ़ते हुए साझा विकास और वैश्विक कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए। उन्होंने टोयोटा के प्रसिद्ध संदेश “लेट्स गो प्लेसेज” का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के उद्योग जगत से साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया। (इनपुट: पीआईबी)


