पोलैंड ने आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति सख्त रुख दोहराते हुए कहा है कि वह भारत पर होने वाले आतंकवादी हमलों सहित किसी भी तरह के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। पोलैंड के सेक्रेटरी ऑफ स्टेट और डिप्टी विदेश मंत्री व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोशेव्स्की ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार की ज़ीरो टॉलरेंस नीति है।
मुख्य बिंदु:
– बार्टोशेव्स्की ने भारत की सीमा-पार आतंकवाद और पाकिस्तान संबंधी चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा, “हम किसी भी तरह के आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करते, चाहे वह कहीं से भी आए।”
– उन्होंने रूस द्वारा पोलैंड के खिलाफ किए जा रहे स्टेट टेररिज्म (राज्य प्रायोजित आतंकवाद) का भी उल्लेख किया, जिसमें आगजनी, तोड़-फोड़, साइबर हमले और हत्याएं शामिल हैं।
– पोलिश मंत्री ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की थी और उनका मानना है कि यह मामला पूरी तरह सुलझ चुका है।
भारत-पोलैंड संबंधों पर:
– पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क भारत यात्रा पर आने वाले हैं, जो दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी।
– पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की और भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के बीच नियमित संपर्क बना हुआ है।
– बार्टोशेव्स्की ने खुद कई बार भारत का दौरा किया है और अक्टूबर में डॉ. एस. जयशंकर की पोलैंड यात्रा की उम्मीद जताई है।
पृष्ठभूमि
ये बयान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की जनवरी में पोलैंड यात्रा के कुछ महीनों बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने आतंकवाद के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस और पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा न देने की अपील की थी। पोलैंड के इन बयानों को भारत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, खासकर जब दोनों देश रक्षा, अर्थव्यवस्था और रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। यह घटनाक्रम भारत और पोलैंड के बीच बढ़ते विश्वास और उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित करता है। (इनपुट-एजेंसी)


