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प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी: आवास, समावेशन और सशक्तिकरण की कहानी

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) देश के प्रमुख शहरी आवास मिशनों में शामिल है, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ सुनिश्चित करना है। इसके तहत देशभर के पात्र शहरी परिवारों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त पक्के मकान उपलब्ध कराए जाते हैं। मिशन का मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों और झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों की आवासीय जरूरतों को पूरा करना है। PMAY-U के क्रियान्वयन से मिले अनुभवों के आधार पर वर्ष 2024 में इसे पुनर्गठित कर PMAY-U 2.0 शुरू किया गया। इसमें समावेशिता पर विशेष जोर दिया गया है और महिलाओं तथा अन्य संवेदनशील शहरी वर्गों तक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। जियो-टैगिंग और रियल-टाइम डैशबोर्ड जैसी प्रौद्योगिकी आधारित प्रणालियों ने योजना की पारदर्शिता और निगरानी को मजबूत किया है।

शहरी आकांक्षाओं की नींव

एक सुरक्षित और स्थायी घर गरिमापूर्ण जीवन की नींव होता है। यह परिवारों को स्थिरता, सुरक्षा और बेहतर अवसरों की दिशा में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान करता है। गुणवत्तापूर्ण आवास से न केवल रहने की स्थिति में सुधार होता है, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्तीय सुरक्षा और समग्र कल्याण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। लाखों शहरी परिवारों के लिए पक्का घर केवल आश्रय नहीं, बल्कि उज्जवल और अधिक सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने का माध्यम है। समावेशी विकास को बढ़ावा देने में आवास की परिवर्तनकारी भूमिका को पहचानते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) का शुभारंभ जून 2015 में किया गया। इस मिशन में किफायती आवास को शहरी विकास के केंद्र में रखा गया है। पिछले वर्षों में इसने व्यापक स्तर पर नवाचार और जरूरतमंद लोगों पर विशेष ध्यान के माध्यम से आवास के क्षेत्र को नया स्वरूप दिया है।

शहरी आवास जरूरतों का राष्ट्रीय समाधान

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी देशभर के पात्र शहरी परिवारों को बुनियादी नागरिक सुविधाओं से युक्त हर मौसम में रहने योग्य पक्के मकान उपलब्ध कराती है। इसका ध्यान झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों की आवासीय जरूरतों पर है। इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को किफायती आवास के निर्माण और उपलब्धता के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान करती है। मूल मिशन अवधि मार्च 2022 तक थी। हालांकि, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अनुरोध तथा स्वीकृत परियोजनाओं को पूरा करने के लिए योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई गई है।

PMAY-U 2.0 से आवास मिशन का विस्तार

क्रियान्वयन से मिले अनुभवों और बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए सितंबर 2024 में PMAY-U को पुनर्गठित करके PMAY-U 2.0 शुरू किया गया। यह योजना शहरी क्षेत्रों में ‘सभी के लिए आवास’ के लक्ष्य को अधिक उत्तरदायी और समावेशी तरीके से आगे बढ़ाती है।

कौन है लाभार्थी परिवार

PMAY-U के अंतर्गत लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी और अविवाहित बेटे तथा/या अविवाहित बेटियां शामिल होती हैं। परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। वयस्क कमाने वाले व्यक्ति को उसकी वैवाहिक स्थिति की परवाह किए बिना अलग परिवार माना जाता है, बशर्ते उसके नाम पर भारत में कहीं भी पक्का मकान न हो। विवाहित दंपति में पति या पत्नी में से कोई एक अथवा दोनों संयुक्त रूप से एक ही मकान के लिए पात्र हो सकते हैं, जो योजना के तहत निर्धारित पारिवारिक आय-सीमा के अधीन होगा। कोई पात्र लाभार्थी मिशन के चारों में से केवल एक घटक का लाभ ले सकता है। यदि किसी व्यक्ति के पास 21 वर्ग मीटर से कम क्षेत्रफल वाला पक्का मकान है, तो उसे मौजूदा मकान को बढ़ाकर अधिकतम 30 वर्ग मीटर तक करने के लिए सहायता दी जा सकती है। यदि भूमि या अन्य कारणों से ऐसा करना संभव न हो, तो उसे किसी अन्य स्थान पर PMAY-U के अंतर्गत मकान दिया जा सकता है।

एक करोड़ अतिरिक्त परिवारों को आवास का लक्ष्य

PMAY-U 2.0 किफायती आवास मिशन का अगला चरण है और PMAY-U की मजबूत नींव पर आधारित है। इसका लक्ष्य एक करोड़ अतिरिक्त शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है। इसे 2024 से 2029 तक लागू किया जा रहा है। इसके अंतर्गत पात्र परिवारों को शहरी क्षेत्रों में मकान बनाने या खरीदने के लिए प्रति इकाई अधिकतम 2.50 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। PMAY-U 2.0 पात्र लाभार्थियों के लिए किफायती किराये के आवास की सुविधा का भी समर्थन करती है, ताकि शहरी भारत में विभिन्न प्रकार की आवासीय जरूरतों को पूरा किया जा सके। योजना EWS, LIG और MIG वर्गों के परिवारों के लिए खुली है। EWS परिवारों के लिए वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपए तक, LIG परिवारों के लिए 3 लाख से 6 लाख रुपए तक और MIG परिवारों के लिए 6 लाख से 9 लाख रुपए तक निर्धारित है।

PMAY-U 2.0 के चार प्रमुख घटक

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अनुभव के आधार पर PMAY-U 2.0 ने शहरी भारत की विभिन्न आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चार-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है।

लाभार्थी-आधारित निर्माण

लाभार्थी-आधारित निर्माण (BLC) वर्टिकल के तहत पात्र EWS परिवारों को 2.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। वे अपनी जमीन पर अधिकतम 45 वर्ग मीटर कारपेट एरिया वाले नए पक्के घर बना सकते हैं।

साझेदारी में किफायती आवास

साझेदारी में किफायती आवास (AHP) वर्टिकल के तहत EWS श्रेणी के लाभार्थियों को पक्का घर खरीदने के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। सरकारी या निजी एजेंसियां पात्र लाभार्थियों के लिए 30-45 वर्ग मीटर कारपेट एरिया वाले किफायती घर बनाती हैं। घर की खरीद कीमत के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर प्रति इकाई 2.5 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद देती हैं।

किफायती किराये के आवास

किफायती किराये के आवास (ARH) घटक का उद्देश्य ऐसे शहरी निवासियों को सम्मानजनक, सुरक्षित और स्वच्छ किराये का आवास उपलब्ध कराना है, जिन्हें अस्थायी आवास की आवश्यकता है या जो मकान खरीदने अथवा बनाने में सक्षम नहीं हैं। इसमें EWS और LIG श्रेणियों के प्रवासी श्रमिक, बेघर व्यक्ति, औद्योगिक श्रमिक, कामकाजी महिलाएं, निर्माण श्रमिक, शहरी गरीब और निराश्रित व्यक्ति, रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, संविदा कर्मचारी तथा अन्य पात्र निम्न-आय परिवार शामिल हो सकते हैं। ARH परियोजनाओं में पानी, सीवर या सेप्टेज प्रबंधन, स्वच्छता, आंतरिक सड़कें, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का प्रावधान किया जाता है, ताकि आवास रहने योग्य और सम्मानजनक बने।

गृह ऋण पर ब्याज सब्सिडी

ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) घटक के अंतर्गत PMAY-U 2.0 में पात्र गृह ऋणों पर ब्याज सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सुविधा 1 सितंबर 2024 या उसके बाद स्वीकृत और वितरित किए गए पात्र गृह ऋणों पर लागू होती है। EWS, LIG और MIG श्रेणी के पात्र लाभार्थी मकान खरीदने, दोबारा खरीदने या मकान बनाने के लिए लिए गए ऋण पर इस सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 1.80 लाख रुपए तक की ब्याज सब्सिडी दी जाती है, बशर्ते ऋण की अवधि पांच वर्ष से अधिक हो।

1.25 करोड़ मकान स्वीकृत

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी की यात्रा बड़े पैमाने पर किफायती आवास उपलब्ध कराने के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 2005 से 2014 के बीच पूर्ववर्ती योजनाओं के अंतर्गत केवल लगभग 8 लाख शहरी मकान पूरे किए गए थे। 9 अगस्त 2026 तक PMAY-U और PMAY-U 2.0 के अंतर्गत कुल 1.25 करोड़ मकान स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 1 करोड़ से अधिक मकान पूरे करके देशभर में लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं।

आवास तक समान पहुंच पर जोर

शहरी विकास की वास्तविक सफलता इसी में निहित है कि इसके लाभ कितने व्यापक रूप से साझा किए जाते हैं। इस मिशन ने अपने दृष्टिकोण के केंद्र में समावेशिता को रखा है और शहरों तथा कस्बों में कमजोर परिवारों का समर्थन किया है। महिलाएं इस परिवर्तन की प्रक्रिया के केंद्र में रही हैं। PMAY-U के अंतर्गत मकान का स्वामित्व या सह-स्वामित्व महिला लाभार्थी के नाम पर रखना अनिवार्य है। इस प्रावधान ने महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा को मजबूत किया है और घरेलू निर्णयों में उनकी भूमिका को बढ़ाया है। मिशन ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए आवास तक पहुंच को प्राथमिकता दी है। विभिन्न लाभार्थी समूहों की आवश्यकताओं को पूरा करके PMAY-U ने शहरी विकास को अधिक न्यायसंगत और सुलभ बनाने में सहायता की है। PMAY-U 2.0 विविध लाभार्थी समूहों के लिए लक्षित सहायता के माध्यम से समावेशी आवास की प्रतिबद्धता को जारी रखता है। 9 अगस्त 2026 तक इस योजना के अंतर्गत लगभग 18.38 लाख मकान स्वीकृत किए गए हैं। यह योजना घर के स्वामित्व के अवसरों को कमजोर समुदायों के लिए विशेष हस्तक्षेपों के साथ जोड़ती है।

PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत मकानों का विवरण

9 अगस्त 2026 तक PMAY-U 2.0 के अंतर्गत लगभग 18.38 लाख मकान स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 14.40 लाख मकान लाभार्थी-आधारित निर्माण (BLC), 2.48 लाख मकान साझेदारी में किफायती आवास (AHP), 1.36 लाख मकान ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) के अंतर्गत स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, 13,046 आवासीय इकाइयां किफायती किराये के आवास (ARH) घटक के अंतर्गत स्वीकृत हुई हैं। PMAY-U और PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत 1.25 करोड़ घरों में से 1 करोड़ घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं, जो महिला मुखिया के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में हैं। ये उपलब्धियां मिशन की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं कि आवास लाभ उन जरूरतमंद लोगों तक पहुंचें जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। किफायतीपन और समावेशिता को जोड़कर PMAY-U अधिक न्यायसंगत और लचीले शहरी समुदायों के निर्माण में सहायता कर रहा है।

तकनीक से मजबूत हुआ क्रियान्वयन और निगरानी

आधुनिक तकनीक ने शहरी आवास वितरण को एक नया आयाम दिया है। डिजिटल डैशबोर्ड, जियो-टैगिंग और एकीकृत निगरानी प्रणालियों ने PMAY-U के अंतर्गत क्रियान्वयन को मजबूत किया है। इन उपकरणों ने पारदर्शिता में सुधार किया है और परियोजना निगरानी को बेहतर बनाया है।

एकीकृत वेब पोर्टल से आवेदन और निगरानी

PMAY-U 2.0 का एकीकृत वेब पोर्टल योजना के क्रियान्वयन और निगरानी के लिए एकल डिजिटल मंच के रूप में कार्य करता है। इसके माध्यम से पात्र लाभार्थी आवास सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं तथा आवेदन की प्रक्रिया और स्थिति को ट्रैक कर सकते हैं। लाभार्थी, शहरी स्थानीय निकाय, राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश और कार्यान्वयन एजेंसियां एक ही मंच पर जुड़ती हैं। मकानों को निर्माण के विभिन्न चरणों में जियो-टैग किया जाता है। धनराशि जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जाता है और योजना की निगरानी तथा जवाबदेही मजबूत होती है।

रियल-टाइम डैशबोर्ड से परियोजनाओं की निगरानी

PMAY-U डैशबोर्ड योजना की प्रमुख भौतिक और वित्तीय प्रगति का वास्तविक समय में विवरण उपलब्ध कराता है। इसमें राज्य और शहरी स्थानीय निकाय के अनुसार स्वीकृत मकान, परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, निर्माण और आवास हस्तांतरण की समयसीमा, केंद्रीय सहायता जारी करने की स्थिति, उपयोगिता प्रमाण-पत्र, परियोजना-वार प्रगति और निर्माण के विभिन्न चरणों का ग्राफिकल विवरण शामिल होता है। यह डैशबोर्ड राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों, शहरी स्थानीय निकायों, कार्यान्वयन एजेंसियों, सांसदों, विधायकों, लाभार्थियों और अन्य हितधारकों के लिए उपलब्ध है।

पांच चरणों में जियो-टैगिंग से निगरानी

परियोजनाओं को पांच चरणों में ट्रैक किया जाता है—ग्राउंडिंग, नींव (फाउंडेशन), ऊपरी ढांचा (सुपरस्ट्रक्चर), फिनिशिंग व बाहरी विकास और पूर्णता। इस चरणबद्ध निगरानी से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि बड़े पैमाने की परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी हों और गुणवत्ता के निर्धारित मानकों को पूरा करें।

आधुनिक और हरित निर्माण तकनीकों को बढ़ावा

प्रौद्योगिकी उप-मिशन (TSM) तेज और बेहतर गुणवत्ता वाले आवास निर्माण के लिए आधुनिक, हरित और नवोन्मेषी निर्माण तकनीकों को अपनाने में सहायता करता है। TSM के अंतर्गत ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज-इंडिया (GHTC-India) आयोजित किया गया। विश्वभर से कुल 54 प्रमाणित तकनीकों को मुख्यधारा की, वैश्विक स्तर पर सिद्ध आपदा-रोधी तकनीकों के रूप में चुना गया। GHTC-India के तहत चुनी गई छह अलग-अलग तकनीकों का उपयोग करके देश के छह स्थानों पर छह लाइट हाउस प्रोजेक्ट (LHPs) बनाए गए हैं।

PMAY-U 2.0 में नवाचार को बढ़ावा

TSM की प्रगति के आधार पर PMAY-U 2.0 के अंतर्गत प्रौद्योगिकी एवं नवाचार उप-मिशन (TISM) आवास निर्माण में नवाचार को बढ़ावा देता है। यह नवोन्मेषी डिजाइन, गुणवत्ता आश्वासन और टिकाऊ आवास के लिए हरित भवन मानकों को अपनाने को प्रोत्साहित करता है। TISM विभिन्न भौगोलिक-जलवायु क्षेत्रों में जलवायु-अनुकूल लेआउट और भवन योजनाओं का समर्थन करता है।

AHP परियोजनाओं के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान

PMAY-U 2.0 के अंतर्गत AHP परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (TIG) प्रदान किया जाता है। यह अनुदान GHTC-India के तहत अधिसूचित नवोन्मेषी और वैकल्पिक तकनीकों के उपयोग का समर्थन करता है।

सुरक्षित आवास से बदली लाभार्थियों की जिंदगी

PMAY-U का वास्तविक प्रभाव उन जीवन-कथाओं के माध्यम से समझा जा सकता है, जिन्होंने शहरी भारत में लोगों के जीवन को बदला है। ये सफलता की कहानियां दर्शाती हैं कि सुरक्षित आवास ने लाभार्थियों के लिए सम्मान, स्थिरता और आत्मनिर्भरता को कैसे मजबूत किया है।

अपना छत, संभावनाओं से भरा भविष्य

मंडलापु अनंतलक्ष्मी अपने पति और तीन बच्चों के साथ आंध्र प्रदेश के अड्डांकी में अस्थायी छत वाले एक छोटे मकान में रहती थीं। परिवार की आय सीमित थी और वे भैंस पालन पर निर्भर थे। उनके लिए एक स्थायी घर का स्वामित्व हासिल करना मुश्किल लगता था। PMAY-U के अंतर्गत सहायता मिलने के बाद उन्होंने स्वयं मकान बनाकर वित्तीय बाधाओं को पार कर लिया। नए पक्के मकान ने सुरक्षित स्वच्छता सुनिश्चित की, खुले में शौच की समस्या समाप्त की और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि इसने परिवार में आत्मविश्वास पैदा किया और उन्हें अपने बच्चों के भविष्य में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

लगातार मरम्मत से स्थायी स्थिरता तक

मेघालय के नोंगपोह शहर में लूसीबोन सिंगकली अपने पिता और बहनों का पालन-पोषण करती हैं और परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य हैं। वे आशा कार्यकर्ता हैं और अनानास की खेती भी करती हैं। वे एक कच्चे मकान में रहती थीं, जिसमें बार-बार मरम्मत की आवश्यकता पड़ती थी, खासकर बरसात के मौसम में। इन मरम्मतों का खर्च अक्सर परिवार की वित्तीय स्थिति पर बोझ बन जाता था और उनके पिता के चिकित्सा उपचार को प्रभावित करता था। PMAY-U की लाभार्थी बनने के बाद लूसीबोन को एक स्थायी, हर मौसम में सुरक्षित घर मिला, जिससे रखरखाव का खर्च कम हुआ और परिवार की वित्तीय स्थिरता में सुधार हुआ। इससे बची राशि का उपयोग उनके पिता की स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों को पूरा करने में किया जाने लगा। परिवार ने वर्षा जल संचयन अपनाया, फलदार पेड़ लगाए, एलपीजी कनेक्शन प्राप्त किया और एलईडी लाइटिंग पर स्विच किया। उनके नए घर ने पूरे परिवार को मानसिक शांति प्रदान की है।

‘सभी के लिए आवास’ की दिशा में आगे बढ़ता मिशन

किसी शहर की कहानी अंततः उन लोगों की कहानी होती है जो उसे अपना घर कहते हैं। जैसे-जैसे शहरी केंद्र बढ़ते और विकसित होते हैं, आवास समावेशन, अवसर और जीवन की गुणवत्ता का सबसे स्पष्ट संकेतक बन जाता है। PMAY-U की यात्रा इसी समझ को दर्शाती है। इसने उन लाखों लोगों तक आवास पहुंचाया है, जो लंबे समय तक शहरी विकास की मुख्यधारा से बाहर रहे हैं। इस प्रक्रिया में इसने देशभर के असंख्य परिवारों के लिए घर के स्वामित्व को एक आकांक्षा से वास्तविकता में बदलने में सहायता की है। इस मिशन को योजना, निगरानी और पारदर्शी कार्यान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी-संचालित प्रणालियों के उपयोग से और मजबूती मिली है। PMAY-U 2.0 के माध्यम से यह मिशन यह सुनिश्चित करना जारी रखता है कि प्रत्येक परिवार के पास एक सुरक्षित स्थान हो जिसे वह अपना घर कह सके। (इनपुट: पीआईबी)