सीमांत जनपद चमोली में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक हुनर से जुड़े लोगों और युवाओं के लिए नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। योजना के तहत लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर उनके कौशल को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि वे अपने पारंपरिक हुनर को रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बना सकें। इन दिनों चमोली में लाभार्थियों को सिलाई-बुनाई का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसे लेकर प्रशिक्षणार्थियों में खासा उत्साह है।
अलग-अलग ट्रेड में दिया जा रहा प्रशिक्षण
चमोली जनपद में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत अलग-अलग ट्रेड में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। एसबीआई ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान, गोपेश्वर में इन दिनों सिलाई-बुनाई से संबंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान लाभार्थियों को सिलाई और बुनाई की बुनियादी जानकारी के साथ काम को बेहतर तरीके से करने की तकनीक और बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
बाजार की जरूरत के मुताबिक हुनर को निखारने पर जोर
प्रशिक्षणार्थियों को बताया जा रहा है कि किस तरह अपने हुनर को बाजार की जरूरत के अनुरूप विकसित किया जा सकता है। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें बेहतर गुणवत्ता का काम करने के साथ ही भविष्य में स्वरोजगार शुरू करने के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का अवसर मिल रहा है। इससे पारंपरिक हुनर को नई तकनीक और आधुनिक बाजार से जोड़ने में भी मदद मिल सकती है। योजना के तहत मिल रहे निःशुल्क प्रशिक्षण को लेकर लाभार्थियों में खासा उत्साह है।
आर्थिक स्थिति मजबूत करने की उम्मीद
प्रशिक्षणार्थियों का कहना है कि सरकार की इस पहल से उन्हें अपने हुनर को निखारने का अवसर मिल रहा है। सिलाई-बुनाई जैसे कौशल को बेहतर तरीके से सीखकर वे अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ ही भविष्य में स्वयं का काम शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं। प्रशिक्षण से उन्हें अपने हुनर को आय के साधन में बदलने की उम्मीद है।
उषा ने कहा, हुनर को बेहतर बनाने का मिल रहा अवसर
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की लाभार्थी उषा ने बताया कि उन्हें योजना के तहत निःशुल्क प्रशिक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सिलाई-बुनाई की बारीकियां सीखने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनके हुनर में सुधार हो रहा है। उषा के मुताबिक, इस प्रशिक्षण से उन्हें आगे स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया।
प्रशिक्षण के बाद टूल किट भी उपलब्ध
पीएम विश्वकर्मा योजना के चमोली जिले के जिला समन्वयक सौरभ चंद्र सानू ने बताया कि भारत सरकार की यह एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को निःशुल्क टूल किट भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे गए हुनर को आगे काम में ला सकें।
स्वरोजगार के लिए ऋण की भी व्यवस्था
सौरभ चंद्र सानू ने बताया कि योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के लिए ऋण की व्यवस्था भी की गई है। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को अपना काम शुरू करने और अपने हुनर को आय के साधन में बदलने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह बेहद उपयोगी योजना है और लोगों को इसका लाभ उठाकर अपने हुनर को और बेहतर बनाना चाहिए। (इनपुट: आईएएनएस)


