आयुष को वैश्विक पहचान दिलाने की तैयारी, सरकार और उद्योग जगत ने तैयार किया रोडमैप

भारत को आयुष (AYUSH) क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण मंथन बैठक आयोजित की। बैठक में नवाचार, गुणवत्ता, निर्यात और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक रोडमैप पर चर्चा की गई।

यह विचार-विमर्श आयुष मंत्रालय और आयुष एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (AYUSHEXCIL) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।

बैठक में मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से मिलने वाले अवसरों, आयुष उत्पादों की वैश्विक ब्रांडिंग, निर्यात को बढ़ावा देने, गुणवत्ता मानकों, WHO-GMP अनुपालन, Ayush Quality Mark, वैज्ञानिक प्रमाणन, नवाचार, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल, वेलनेस सेवाओं तथा वैश्विक बाजारों में नियामकीय चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

वैश्विक ब्रांड बनाना है लक्ष्य: राजेश अग्रवाल

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल आयुष उत्पादों का निर्यात बढ़ाना नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी भारतीय AYUSH ब्रांड तैयार करना है।

उन्होंने आयुष क्षेत्र को भविष्य की संभावनाओं वाला ‘सनराइज एक्सपोर्ट सेक्टर’ बताते हुए उद्योग से नवाचार, ब्रांडिंग, मूल्य संवर्धन और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत के बढ़ते मुक्त व्यापार समझौते (FTA) आयुष निर्यात के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

राजेश अग्रवाल ने यह भी कहा कि व्यापार सुविधा प्रदाताओं और अन्य साझेदारों की भूमिका भारतीय आयुष उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वाणिज्य विभाग, AYUSHEXCIL के साथ मिलकर जागरूकता, क्षमता निर्माण और हितधारकों के साथ संवाद जारी रखेगा।

Ayush Mark और Ayurveda Aahar पर जोर

आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि Ayush Mark और Ayurveda Aahar जैसी प्रमुख पहलों के प्रभावी क्रियान्वयन में तेजी लाने की आवश्यकता है, ताकि भारतीय आयुष उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत किया जा सके।

उन्होंने उद्योग जगत से वैश्विक स्तर पर बढ़ती आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की मांग का लाभ उठाने का आह्वान किया। इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के अनुरूप तैयारी पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने बताया कि भारतीय मानकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है, ताकि आयुष उत्पादों को विश्व स्तर पर अधिक स्वीकार्यता मिल सके।

भारत बन सकता है वैश्विक समग्र स्वास्थ्य केंद्र

AYUSHEXCIL के अध्यक्ष एवं सांसद डॉ. अनुराग शर्मा ने कहा कि पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों की वैश्विक स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है और ऐसे में भारत समग्र स्वास्थ्य सेवाओं (Holistic Healthcare) का विश्वसनीय वैश्विक केंद्र बनने की मजबूत स्थिति में है।

उन्होंने सरकार, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच बेहतर सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए वैज्ञानिक प्रमाणन, गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक ब्रांडिंग को मजबूत करने की बात कही।

उद्योग और स्टार्टअप्स ने दिए सुझाव

बैठक के अंत में आयोजित संवाद सत्र में निर्यातकों, विनिर्माताओं, MSME और स्टार्टअप्स ने बाजार तक पहुंच, नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कारोबार में आसानी (Ease of Doing Business), नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर अपने सुझाव साझा किए।

-(इनपुटःएजेंसी)

RELATED ARTICLES