राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर दिव्यांगजनों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में वर्ष 2025 के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण हेतु राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए। इस समारोह में देशभर से बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथि और सम्मानित व्यक्तित्व शामिल हुए।

पुरस्कार मेरी जिंदगी की हर मेहनत का सम्मान है

पैरा-एथलीट पूजा गर्ग ने पुरस्कार प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा, “मैं वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हूं और गर्व के साथ कह सकती हूं कि इस वर्ष मुझे बेस्ट दिव्यांगजन अवॉर्ड मिला है। यह पुरस्कार मेरी जिंदगी की हर मेहनत का सम्मान है।” पूजा गर्ग ने बताया कि 15 साल पहले हुई चोट ने उन्हें गहरा आघात पहुंचाया था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, “मैं उन सभी लोगों को प्रेरित करना चाहती हूं जो किसी हादसे के बाद हिम्मत खो देते हैं। जिंदगी से हार न मानें, एक कोशिश तो जरूर करें। मैंने कोशिश की और आज मैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हूं। इंदौर से नाथुला तक बाइक से गई, जो मेरे नाम दर्ज वर्ल्ड रिकॉर्ड है।”

रोल मॉडल’ का राष्ट्रीय सम्मान मिलने से मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है

उन्होंने बताया कि 2010 के एक दुर्घटना में उन्हें स्पाइनल इंजरी हुई थी, जिसके बाद उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा। पूजा ने कहा, “आज मुझे ‘रोल मॉडल’ का राष्ट्रीय सम्मान मिला है। इससे मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है कि मैं महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनने के लिए प्रेरित करूं।”

डॉक्टरों ने कहा था कि मैं जीवनभर एक लकड़ी की गुड़िया की तरह रहूंगा

उत्कृष्टता श्रेणी में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता निपुण कुमार मल्होत्रा ने कहा कि वे जन्म से ही ‘आर्थ्रोग्राइपोसिस’ नामक दुर्लभ बीमारी से पीड़ित हैं, जिसमें हाथों और पैरों की मांसपेशियां विकसित नहीं होतीं और व्यक्ति को व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है। उन्होंने बताया, “डॉक्टरों ने कहा था कि मैं जीवनभर एक लकड़ी की गुड़िया की तरह रहूंगा, लेकिन मैंने एमबीए तक की पढ़ाई की और आज एक संस्था चलाता हूं जो दिव्यांगजनों के लिए काम करती है। अब मेरी जिम्मेदारी है कि मैं और अधिक लोगों को प्रेरित करूं और उनकी मदद करूं।”

मुझे थोड़ा तनाव और दबाव था, लेकिन अब बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं

गायक मोहम्मद यासीन ने कहा, “मैं तीन केरल राज्य पुरस्कार, तीन राष्ट्रीय पुरस्कार और तीन टेलीविजन पुरस्कार जीत चुका हूं। आज यह सम्मान पाकर मुझे अत्यंत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है। मैं कीबोर्ड प्लेयर हूं। यहां आने से पहले मुझे थोड़ा तनाव और दबाव था, लेकिन अब बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूं।” (इनपुट: आईएएनएस)

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