फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। साथ ही उन्होंने आतंक के खिलाफ भारत के साथ खड़े रहने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि मैं आतंकवाद के खिलाफ व्यापक लड़ाई में भारत के साथ हमारी एकजुटता का संदेश लेकर आया हूं।
मार्कोस जूनियर ने पीएम मोदी को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य पर बधाई दी
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “मैं इस साल की शुरुआत में पहलगाम में हुए दुखद हमले और आतंकवाद के खिलाफ व्यापक लड़ाई में भारत के साथ हमारी एकजुटता का संदेश लेकर आया हूं। इन चुनौतियों के बावजूद मैं प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में 2047 तक भारत के उल्लेखनीय परिवर्तन और ‘विकसित भारत’ बनने की अथक यात्रा के लिए बधाई देता हूं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ समर्थन जताने के लिए राष्ट्रपति मार्कोस का आभार व्यक्त किया
प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ समर्थन जताने के लिए राष्ट्रपति मार्कोस का आभार व्यक्त किया। पीएम मोदी ने कहा, “हम पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने के लिए और आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में हमारे साथ खड़े रहने के लिए फिलीपींस सरकार और राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हैं।” बता दें कि फिलीपींस के राष्ट्रपति पांच दिवसीय भारत दौरे पर हैं।
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर का मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद उन्होंने कहा कि यह राजकीय यात्रा भारत और फिलीपींस के बीच बढ़ती साझेदारी की पुष्टि करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर फिलीपींस के राष्ट्रपति सोमवार को भारत की पांच दिवसीय राजकीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं।
पहले एशिया-प्रशांत कहलाने वाला क्षेत्र अब राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था की वैश्विक प्रकृति के कारण सही रूप से हिंद-प्रशांत कहलाता है
राष्ट्रपति मार्कोस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “यह यात्रा उस गठबंधन और साझेदारी की दोबारा पुष्टि है, जिसे हम मजबूत कर रहे हैं। पहले हमें एशिया-प्रशांत क्षेत्र कहा जाता था, अब हमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र कहा जाता है, जो राजनीति, व्यापार और अर्थव्यवस्था की वैश्विक प्रकृति के कारण उस समझ का सही विकास है।”(इनपुट-आईएएनएस)


