राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट पर आयोजित राष्ट्रीय सरस मेला 2026 में हिस्सा लिया। इस मेले का उद्देश्य महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के उत्पादों को बढ़ावा देना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने इस मेले का उद्घाटन किया। यह मेला 15 से 31 अक्टूबर तक आयोजित किया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से संयुक्त रूप से आयोजित ‘सेल ऑफ आर्टिकल्स ऑफ रूरल आर्टिजन्स सोसाइटी’ (सरस) मेला ग्रामीण कारीगरों और महिला स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने तथा उनकी बिक्री के लिए मंच उपलब्ध कराता है।
राष्ट्रीय स्तर का यह आयोजन अब तक केवल दिल्ली में हुआ था और पहली बार आंध्र प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को शहरी उपभोक्ताओं तक सीधे पहुंच उपलब्ध कराकर, बाजार का दायरा बढ़ाकर और उनकी आय में वृद्धि करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इसके साथ ही यह पहल ‘वोकल फॉर लोकल’ तथा ‘आत्मनिर्भर भारत’ को बढ़ावा देती है और पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन के क्षेत्र में महिलाओं की क्षमता बढ़ाने में मदद करती है। (भाषा)


