राष्ट्रपति मुर्मु आज से दो दिवसीय आंध्र प्रदेश के दौरे पर, विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेले में होंगी शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 14 से 15 अक्तूबर, 2026 तक आंध्र प्रदेश के दौरे पर रहेंगी। 15 अक्तूबर, 2026 को राष्ट्रपति विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सरस मेले में शामिल होंगी। राष्ट्रपति मुर्मु इसका उद्घाटन करेंगी।

ग्रामीण विकास मंत्रालय विजयवाड़ा में राष्ट्रीय सरस मेला 2026 आयोजित कर रहा है। विजयवाड़ा में पहली बार लगने वाला राष्ट्रीय सरस मेला ग्रामीण गरीबी उन्मूलन सोसायटी और आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से आयोजित हो रहा है। यह मेला 13 से 31 अक्टूबर 2026 तक विजयवाड़ा के पुन्नमी घाट पर आयोजित किया जा रहा है।

ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, इसमें देश के 30 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 1,500 से अधिक महिला उद्यमी भाग लेंगी। जिससे वहां ग्रामीण उद्यम, पारंपरिक शिल्प, क्षेत्रीय व्यंजन और उद्यमशीलता का संगम होगा।

ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर

राष्ट्रीय सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और विपणन के अवसर उपलब्ध कराना है।

यह आयोजन दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के उद्देश्यों के अनुरूप है। यह प्रधानमंत्री के वर्ष 2029 तक 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों को भी बढ़ावा देगा। मेले में सरस आजीविका गैलरी के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही ई-सरस (eSARAS) डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इन उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया जाएगा।

देश के विभिन्न राज्यों की कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद होंगे आकर्षण

मेले में देश के विभिन्न हिस्सों की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वस्त्र और स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर की पश्मीना, तेलंगाना के इकत और तेलिया वस्त्र तथा मिजोरम की पुआनचई जैसी पारंपरिक कलाएं शामिल होंगी।

इसके अलावा मीनाकारी, डोकरा कला, पीतल के सामान, लकड़ी की कलाकृतियां, चित्रकला और विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों के क्षेत्रीय व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए 50 फूड स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

महिला उद्यमियों के लिए विशेष मंडप

मेले में महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, बाजार और व्यवसाय से जोड़ने के उद्देश्य से कई विशेष मंडप बनाए जाएंगे।