राष्ट्रपति मुर्मु की मोल्दोवा यात्रा से 4-टी सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की मोल्दोवा की राजकीय यात्रा से भारत और मोल्दोवा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य फोकस ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म और टैलेंट (4-टी) के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने विशेष मीडिया ब्रीफिंग में दी।

संसदीय सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

सिबी जॉर्ज ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मोल्दोवा की संसद के स्पीकर से मुलाकात की और भारत-मोल्दोवा संसदीय मैत्री समूह के सदस्यों से बातचीत की। उन्होंने मोल्दोवा की संसद का भी दौरा किया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इन बैठकों से संसदीय लोकतंत्र के माध्यम से दोनों देशों के बीच आपसी समझ, संस्थागत सहयोग और लोकतांत्रिक संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति बनी।

पहली बार आयोजित हुआ भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम

सिबी जॉर्ज ने बताया कि राष्ट्रपति मुर्मु ने मोल्दोवा की राष्ट्रपति के साथ भारत-मोल्दोवा बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोल्दोवा में इस प्रकार का यह पहला बिजनेस फोरम था, जिसमें दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने व्यापार, निवेश, नवाचार और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

4-टी सहयोग पर विशेष जोर

विदेश मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान ट्रेड, टेक्नोलॉजी, टूरिज्म और टैलेंट यानी 4-टी सहयोग को प्राथमिकता दी गई। मंत्रालय का मानना है कि इन क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ने से दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा मिलेगी।

यूरोप के साथ साझेदारी में मोल्दोवा की अहम भूमिका

सिबी जॉर्ज ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में हुए भारत-ईएफटीए समझौते ने यूरोप के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि हालांकि मोल्दोवा यूरोपीय संघ (ईयू) का सदस्य नहीं है, लेकिन वह ईयू का उम्मीदवार देश है और यूरोपीय देशों के साथ उसके विशेष संबंध हैं। इससे भारत और मोल्दोवा के बीच सहयोग को और मजबूती मिलने की संभावना है।

विकसित भारत के लक्ष्य में यूरोप अहम साझेदार

विदेश मंत्रालय के सचिव ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस यात्रा में यूरोप को एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में देखा जा रहा है और मोल्दोवा भी इस साझेदारी का अहम हिस्सा रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत, मोल्दोवा और व्यापक यूरोप के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। (इनपुट: आईएएनएस)