प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स आज बुधवार को भारत के तीन दिवसीय राजकीय दौरे पर पहुंच रहे हैं। 20 से 23 मई तक चलने वाली यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा, शिक्षा, नवाचार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स आज शाम 17:40 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। उनके साथ विदेश मंत्री डॉ. कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस, परिवहन एवं संचार मंत्री एलेक्सिस वाफेएड्स समेत उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल और व्यापारिक नेता भी भारत आएंगे। यह उनके वर्तमान कार्यकाल में भारत की पहली यात्रा है।
यात्रा का कार्यक्रम
– 22 मई (शुक्रवार): सुबह 10 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात, राजघाट पर पुष्पांजलि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक।
– बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी किया जाएगा।
– शाम को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ औपचारिक मुलाकात और राजकीय रात्रिभोज।
– मुंबई में बिजनेस फोरम में भी भाग लेंगे।
23 मई को राष्ट्रपति दिल्ली से मुंबई होते हुए आगे की यात्रा पर प्रस्थान करेंगे।
ऐतिहासिक संदर्भ
यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जून 2025 में साइप्रस की ऐतिहासिक यात्रा के लगभग एक साल बाद हो रही है। वह पिछले 20 वर्षों में साइप्रस जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री थे। साइप्रस वर्तमान में यूरोपीय संघ परिषद की अध्यक्षता भी संभाल रहा है, जिससे इस दौरे का महत्व और बढ़ जाता है।
दोनों देश 10 फरवरी 2027 को राजनयिक संबंधों के 65 वर्ष पूरे करेंगे। भारत और साइप्रस के बीच लंबे समय से मजबूत और विश्वसनीय संबंध रहे हैं। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलाइड्स क्षेत्रीय-वैश्विक मुद्दों, अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग तथा द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर विस्तृत चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री उनके सम्मान में लंच का भी आयोजन करेंगे। यह यात्रा भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के व्यापक संदर्भ में भी अहम मानी जा रही है। (इनपुट-एजेंसी)


