मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संघर्ष के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच विभिन्न मोर्चों पर समन्वय और तालमेल बनाए रखने पर सहमति जताई।
अहम बिंदु:
ट्रंप ने दी जानकारी: इस बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने नेतन्याहू को खाड़ी क्षेत्र (Gulf) में अमेरिका की हालिया गतिविधियों और कार्रवाइयों की विस्तृत जानकारी दी।
तुर्की पर चिंता: प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और उनके सहयोगियों की इजरायल-विरोधी टिप्पणियों की गंभीरता का मुद्दा उठाया। इजरायल हाल ही में एर्दोगन की आलोचना कर चुका है, जिन्होंने इजरायल पर अमेरिका-ईरान कूटनीति को कमजोर करने और ‘युद्ध की आदी’ होने का आरोप लगाया था।
ईरान-लेबनान पर नजर: इजरायली सैन्य प्रमुख एयाल जमीर ने कहा कि इजरायल ईरान और लेबनान में हो रही गतिविधियों पर बारीकी से नजर रख रहा है और तुरंत कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ सख्त रुख: इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इजरायली सेना लेबनान में तब तक बनी रहेगी जब तक हिज्बुल्लाह के सभी हथियार जब्त नहीं कर लिए जाते। उन्होंने स्पष्ट किया कि लेबनान में घुसने या वहां बने रहने के लिए इजरायल को किसी की अनुमति की जरूरत नहीं है।
यह फोन वार्ता ऐसे समय में हुई है जब मंगलवार रात से गुरुवार तक अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों के जवाब में ये कार्रवाई की गई, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच यह समन्वय मध्य पूर्व में चल रहे बहु-मोर्चीय संकट के बीच सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने का संकेत देता है। (इनपुट-एजेंसी)


