15–18 दिसंबर 2025 के दौरान जॉर्डन, इथियोपिया और ओमान की तीन देशों की यात्रा के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16–17 दिसंबर को इथियोपिया में थे। वे अपनी पहली द्विपक्षीय यात्रा पर अदीस अबाबा पहुंचे। प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद अली के साथ व्यापक बातचीत की, जिसमें द्विपक्षीय मुद्दों और साझा हितों के अनेक विषय शामिल थे।

भारत–इथियोपिया संबंध ऐतिहासिक जुड़ाव पर आधारित हैं और आज के समय में राजनीतिक संवाद व आर्थिक सहयोग से मजबूत हुए हैं। इथियोपिया अफ्रीकी महाद्वीप का एक महत्वपूर्ण देश है, BRICS फोरम का सदस्य है और ग्लोबल साउथ में अहम भूमिका निभाता है। भारत के लिए इथियोपिया एक ऐतिहासिक और दीर्घकालिक विकास साझेदार है।

दोनों देशों की दोस्ती 2,000 वर्ष से भी अधिक पुरानी है। पहली सदी ईस्वी में अक्सुमाइट साम्राज्य के समय व्यापार फला-फूला। छठी सदी में अडुलिस बंदरगाह के माध्यम से भारतीय व्यापारी रेशम और मसालों के बदले सोना और हाथीदांत का व्यापार करते थे। 16वीं सदी में गोवा से भारतीय पुर्तगाली सेना के साथ इथियोपिया के राजा की मदद के लिए आए। 1936 से 1941 के बीच इटली के कब्जे को समाप्त करने वाली ब्रिटिश सेनाओं में बड़ी संख्या में भारतीय सैनिक शामिल थे।

भारत और इथियोपिया के बीच औपचारिक कूटनीतिक संबंध 1950 में स्थापित हुए। समय के साथ यह संबंध व्यापार, निवेश, क्षमता निर्माण और विकास सहयोग तक विस्तृत हो गए। व्यापार आज भी इन संबंधों का मुख्य आधार है, जिसमें भारत अफ्रीका में इथियोपिया के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में शामिल है।

वर्षों में भारत–इथियोपिया द्विपक्षीय संबंध

भारत और इथियोपिया के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंध उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद, नियमित बैठकों और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से बने हुए हैं।

उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क

  • भारत के प्रधानमंत्री और इथियोपिया के प्रधानमंत्री की मुलाकात 22 नवंबर 2025 को जोहान्सबर्ग में G20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई।
    इससे पहले 24 अगस्त 2023 को BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भी दोनों नेताओं की बैठक हुई।
  • इन बैठकों में तकनीक, कौशल विकास, संसदीय संपर्क, व्यापार, निवेश, रक्षा, ICT, कृषि, शिक्षा और लोगों से लोगों के बीच संपर्क जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
  • इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद ने भारत की अध्यक्षता में ग्लोबल साउथ समिट के दूसरे और तीसरे संस्करण (17 नवंबर 2023 और 17 अगस्त 2024) में भाग लिया।
  • कोविड-19 महामारी के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई, जिसमें घरेलू, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर आपसी सहयोग व्यक्त किया गया।
  • विदेश मंत्री स्तर पर भी नियमित संवाद हुआ है।
  • 20 फरवरी 2025 को G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत के विदेश मंत्री और इथियोपिया के विदेश मंत्री की मुलाकात हुई।
    सितंबर 2024 में दोनों की मुलाकात 79वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान हुई।
  • भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जून और अप्रैल 2023 में अदीस अबाबा का दौरा किया और शिक्षा, स्वास्थ्य, निवेश, विकास साझेदारी, क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग पर चर्चा की।
  • सितंबर 2022 और सितंबर 2021 में भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बैठकें हुईं।

    हालिया आधिकारिक यात्राएं और संपर्क                       

  • इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के महानिदेशक ने 11–15 अगस्त 2025 को इथियोपिया का दौरा किया।
  • वित्त मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जुलाई 2024 में अदीस अबाबा में आयोजित फाइनेंसिंग फॉर डेवलपमेंट (FfD4) की बैठक में भाग लिया।
  • चौथे भारत–अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए सचिव (ER) ने इथियोपिया का दौरा किया।
  • जनवरी 2024 में ग्लोबल चीता समिट में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया।
  • नवंबर 2023 में संयुक्त व्यापार समिति की छठी बैठक अदीस अबाबा में हुई।

    इथियोपिया से भारत की यात्राएं

  • इथियोपिया की रक्षा मंत्री ने फरवरी 2025 में भारत का दौरा किया और एयरो इंडिया 2025 के दौरान रक्षा सहयोग MoU पर हस्ताक्षर किए।
  • उद्योग मंत्री मेलाकू एलेबेल ने फरवरी 2024 में भारत टेक्स 2024 में भाग लिया।
  • स्वास्थ्य राज्य मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल नवंबर 2025 में भारत आया।
  • इथियोपिया के रक्षा संबंधों के महानिदेशक ने अक्टूबर 2025 में नई दिल्ली का दौरा किया।

    आर्थिक और वाणिज्यिक संबंध

  • 2024–25 में भारत–इथियोपिया कुल व्यापार 550.19 मिलियन डॉलर रहा।
  • भारत का निर्यात 476.81 मिलियन डॉलर और आयात 73.38 मिलियन डॉलर रहा।
  • इथियोपिया ड्यूटी फ्री टैरिफ प्रेफरेंस (DFTP) योजना का लाभार्थी है।
    675 से अधिक भारतीय कंपनियां इथियोपिया में निवेश कर रही हैं, जिनका कुल निवेश 6.5 अरब डॉलर से अधिक है।

    इथियोपिया में भारतीय समुदाय                                                                                                                                                  इथियोपिया में भारतीय समुदाय का इतिहास लंबा है। पहली बस्तियां 19वीं सदी के अंत में गुजरात से आईं। आज करीब 2,500 भारतीय इथियोपिया में रहते हैं और शिक्षा, उद्योग व अन्य क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।

    प्रधानमंत्री की यात्रा के परिणाम

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 16 दिसंबर को इथियोपिया के राष्ट्रीय महल में औपचारिक स्वागत दिया गया। अदीस इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक विशेष समारोह में इथियोपिया के प्रधानमंत्री डॉ. अबी अहमद ने उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ प्रदान किया।

    दोनों नेताओं ने भारत–इथियोपिया संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने 17 दिसंबर को इथियोपियाई संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित किया।

    भारत–इथियोपिया संबंध राजनीतिक निरंतरता और निर्यात-आधारित व्यापार पर आधारित मजबूत साझेदारी को दर्शाते हैं। 2024–25 में 550.19 मिलियन डॉलर के व्यापार के साथ इथियोपिया भारतीय वस्तुओं के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है। नियमित उच्चस्तरीय संवाद, निवेश और विकास सहयोग से यह संबंध और मजबूत हुए हैं। यह साझेदारी भारत के व्यापक अफ्रीका दृष्टिकोण और इथियोपिया के साथ लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को और सशक्त बनाती है।

-(इनपुटःपीआईबी)

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