पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित के माध्यम से दिया प्रकृति और समृद्धि का संदेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषित के माध्यम से प्रकृति, विकास और सामूहिक समृद्धि का संदेश दिया।

एक्स पर संस्कृत सुभाषित में पीएम मोदी ने लिखा…

पीएम मोदी ने आज एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा,

“वनस्पते शतवल्शो वि रोह सहस्रवल्शा वि वयं रुहेम।
यं त्वामयं स्वधितिस्तेजमानः प्रणिनाय महते सौभगाय॥”

सुभाषित का अर्थ

इस सुभाषित का अर्थ है कि वनस्पति सैकड़ों और हजारों शाखाओं के साथ विकसित और समृद्ध बने तथा मानव समाज भी उसके साथ उन्नति करे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस तेजस्वी शक्ति ने प्रकृति को महान कल्याण और समृद्धि के लिए विकसित किया है, वही शक्ति समस्त मानवता के लिए भी मंगलकारी हो। (इनपुट-एजेंसी)

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