वक्‍फ संशोधन विधेयक 2025 पारित होना सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, सबके हक रहेंगे महफूज : पीएम मोदी 

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि संसद से वक्‍फ संशोधन विधेयक 2025 पारित होना सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुस्लिमों सहित सभी समुदायों की हित-रक्षा में इस विधेयक को पारित करने के लिए संसद को बधाई देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वक्‍फ की शुचिता संरक्षित रहेगी और वंचित वर्गों, महिलाओं और बच्‍चों के अधिकारों की सुरक्षा होगी। प्रधानमंत्री मंगलवार रात नई दिल्‍ली में एक निजी मीडिया हाउस के आयोजन को संबोधित कर रहे थे।

पिछले सौ दिनों की उपलब्धियां दर्शाती हैं कि भारत की प्रगति अब रोकी नहीं जा सकती

पीएम मोदी ने अपनी सरकार की कार्यगति का उल्लेख करते हुए कहा कि 2025 के शुरुआती 100 दिनों में उनकी सरकार ने युवा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इसमें हमने उनके भविष्य की मजबूत नींव रखी है। इसमें वक्फ संशोधन कानून भी शामिल है। यह सामाजिक न्याय के लिए बड़ा ठोस कदम है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपनी नीतियों से नई संभावनाएं पैदा की हैं। अब 12 लाख तक की आय को कर मुक्त कर दिया गया है, इससे युवा प्रोफेशनल और उद्यमी को लाभ होगा।

उन्‍होंने यह भी कहा कि पिछले सौ दिनों की उपलब्धियां दर्शाती हैं कि भारत की प्रगति अब रोकी नहीं जा सकती। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस दौरान भारत उपग्रह डॉकिंग और अनडॉकिंग उपलब्धि हासिल करने वाला विश्व का चौथा देश बना।

अनेक वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से बढ़ रहा आगे 

प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि अनेक वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है और केवल एक दशक में ही अर्थव्यवस्था दोगुनी हो गई है। उन्‍होंने कहा कि जिन लोगों का पहले यह मानना था कि भारत की प्रगति धीमी रहेगी, वे अब तेज गति से विकसित होते निर्भय भारत को देख रहे हैं। 

इस तरह की नीतियां सामाजिक न्‍याय की मूल अवधारणा के विरुद्ध

कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस तरह की नीतियां सामाजिक न्‍याय की मूल अवधारणा के विरुद्ध हैं। उन्‍होंने कुछ राजनीतिक दलों पर तुष्टिकरण को वोट बैंक की राजनीति के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष और पूर्वोत्तर में शांति बहाल करने में हुई प्रगति 

नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष और पूर्वोत्तर में शांति बहाल करने में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले 125 से अधिक जिले नक्सली हिंसा की चपेट में थे और जहां नक्सलवाद शुरू होता था, प्रभावी प्रशासन की सीमा समाप्त हो जाती थी।

आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री ने समाधान दस्‍तावेज का भी अनावरण किया। यह दस्‍तावेज देश के युवाओं और महाविद्यालयों द्वारा विकसित समाधानों और अवधारणाओं का संग्रह है। इसके तहत वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, नदियों की सफाई, सबके लिए शिक्षा और यातायात जाम जैसी चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत किया गया है।