पीएम मोदी आज इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमवार शाम पांच बजे नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। इसका समापन 20 फरवरी को भारत मंडपम में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के साथ किया जाएगा। बताना चाहेंगे यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा। 

व्यापक स्तर पर लागू होगा नवाचार

यहां नीति व्यवहार से मिलेगी। नवाचार व्यापक स्तर पर लागू होगा। प्रौद्योगिकी आम नागरिक तक पहुंचेगी। एक्सपो की पूर्व संध्या पर यह जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई। वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस कार्यक्रम का विवरण भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी एक्स पर साझा किया है।

यह एक्सपो तमाम भागीदारों को लाएगा एक साथ
 
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में आयोजित यह एक्सपो वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और अनुसंधान संस्थानों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों को एक साथ लाएगा। 

एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन होंगे 

इस एक्सपो में एआई तंत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित करने वाले 13 देशों के पवेलियन भी होंगे। इनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका के पवेलियन शामिल हैं।

300 से अधिक चुनिंदा प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे 

इस एक्सपो में 300 से अधिक चुनिंदा प्रदर्शनी मंडप और लाइव प्रदर्शन होंगे जिन्हें तीन मुख्य विषयों – लोग, ग्रह और उन्‍नति – के आधार पर संरचित किया गया है। इसके अतिरिक्त, एक्सपो में 600 से अधिक उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप शामिल होंगे जिनमें से कई वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक और व्यापक जनसंचार समाधान कर रहे हैं। ये स्टार्टअप ऐसे उपयुक्‍त समाधानों का प्रदर्शन करेंगे जो पहले से ही वास्तविक दुनिया में उपयोग में हैं।

2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों सहित 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। इस आयोजन का उद्देश्य वैश्विक एआई तंत्र के भीतर नई साझेदारियों को बढ़ावा देना और व्यावसायिक अवसर उत्‍पन्‍न करना है। 

500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा

इसमें 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा जिनमें 3250 से अधिक दूरदर्शी वक्ता और पैनल सदस्य शामिल होंगे। इन सत्रों का मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में एआई के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार करना और यह सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की कार्रवाइयों पर विचार-विमर्श करना होगा कि एआई से प्रत्येक वैश्विक नागरिक को लाभ मिले। (इनपुट-एजेंसी)

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