झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ रांची में छात्रों का आंदोलन 13वें दिन भी जारी है। आंदोलन को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे आठ छात्र-छात्राओं के हौसले से नई ताकत मिल रही है। न्याय की मांग को लेकर इन युवाओं ने अन्न त्यागने का फैसला किया है। आंदोलनकारियों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का भी ऐलान किया है।
आठ युवाओं के संकल्प से मजबूत हुआ आंदोलन
‘मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंजिल मगर, लोग जुड़ते गए और कारवां बनता गया’—रांची में आमरण अनशन पर बैठे आठ छात्र नेताओं और विद्यार्थियों का संघर्ष कुछ ऐसा ही नजर आता है। इन युवाओं के संकल्प ने छात्र आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने भूख हड़ताल के जरिए सत्याग्रह का फैसला सबसे पहले लिया। लगातार अनशन के कारण वह कमजोर नजर आ रहे हैं, लेकिन छात्र हित और न्याय की मांग को लेकर उनका हौसला अब भी मजबूत है।
अन्न त्यागकर सरकार तक पहुंचा रहे आवाज
झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा अब चर्चा का विषय बना हुआ है। छात्रों का आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। महेंद्र प्रसाद, प्रेम नायक और कुश महतो भी अन्न त्यागकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने में जुटे हैं। धरना स्थल पर तस्वीरों, प्लेकार्ड, बैनर और पोस्टरों के जरिए छात्र सरकार पर व्यंग्य करते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं।
विवादित परीक्षाएं रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग
आंदोलनरत छात्रों की प्रमुख मांग झारखंड में नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। छात्र सभी विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग कर रहे हैं। जेपीएससी और जेएसएससी के परीक्षार्थी राहुल क्रांति और रुपेश पाल ने भी तीन दिनों से भूख हड़ताल शुरू कर रखी है। उनका कहना है कि वे सरकार से अपनी मांगें मनवाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
छात्राओं ने भी संभाली संघर्ष की मशाल
न्याय की इस लड़ाई में झारखंड की छात्राएं भी पीछे नहीं हैं। आंदोलन के पहले दिन से ही बड़ी संख्या में छात्राएं धरना-प्रदर्शन में शामिल हो रही हैं। समय के साथ आंदोलन का कारवां लगातार बढ़ रहा है। अब हबीबा और सविता कुमारी ने भी एक कदम आगे बढ़ाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
तिरंगा यात्रा से दिया देशभक्ति का संदेश
यह आंदोलन केवल परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने का संदेश भी दे रहा है। अगस्त का महीना देशभक्ति की भावना को और प्रबल करने वाला माना जाता है। रांची में तिरंगा यात्रा के दौरान आंदोलनरत छात्रों ने देशप्रेम और एकजुटता का परिचय दिया। धरना स्थल देशभक्ति के गीतों से गूंज रहा है और छात्र अपने अधिकारों की लड़ाई को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं।
10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान
आंदोलन के अगले चरण के तहत छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। आमरण अनशन पर बैठे आठ युवाओं के साथ आंदोलन स्थल पर जुटता कारवां सरकार पर दबाव बढ़ा रहा है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, उनका संघर्ष जारी रहेगा।


