इंडो-पैसिफिक को मजबूत बनाने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे क्वाड देश : एस. जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगलवार को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद कहा कि क्वाड देशों का उद्देश्य आपसी सहयोग को मजबूत करना और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को अधिक सुरक्षित, समृद्ध और स्थिर बनाना है। उन्होंने जापान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इंडो-पैसिफिक मुद्दों पर केंद्रित रही बैठक

जयशंकर ने कहा कि बैठक में मुख्य रूप से इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि क्वाड के चारों सदस्य समुद्री सीमाओं वाले लोकतांत्रिक देश हैं, जो इंडो-पैसिफिक के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं और साझा हितों के तहत सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा, “यह हमारी 2026 की पहली बैठक है। 2025 में भी हमारी दो बैठकें हुई थीं। इस दौरान वैश्विक परिस्थितियों और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई।”

समुद्री सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स सहयोग पर जोर

विदेश मंत्री ने बताया कि क्वाड देश समुद्री निगरानी, डोमेन अवेयरनेस, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबल्स, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और आपदा राहत जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और निर्बाध समुद्री व्यापार सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन बेहद जरूरी है। क्वाड देशों ने इस दिशा में सहयोग और मजबूत करने पर सहमति जताई।

सप्लाई चेन और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की तैयारी

जयशंकर ने कहा कि क्वाड के सभी सदस्य बाजार आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं और आर्थिक मजबूती बढ़ाने के लिए सप्लाई चेन को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उन्नत तकनीक, उत्पादन क्षमता, ऊर्जा, उर्वरक और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों का लक्ष्य केवल आपसी सहयोग बढ़ाना नहीं, बल्कि अन्य देशों की मदद करना भी है।

आतंकवाद पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति

बैठक में आतंकवाद के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। जयशंकर ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने आतंकवाद के खिलाफ ‘शून्य सहनशीलता’ की नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “जिन देशों पर आतंकी हमला होता है, उन्हें अपनी रक्षा का पूरा अधिकार है।” उन्होंने लोकतांत्रिक देशों के लिए आतंकवाद को साझा चुनौती बताया।

इंडो-पैसिफिक की बढ़ती वैश्विक अहमियत

विदेश मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा व्यापार और समुद्री वाणिज्य के लिहाज से और अधिक महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में क्वाड देशों की जिम्मेदारियां भी बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि व्यापार, स्वास्थ्य, डिजिटल पहल और नवाचार आधारित सहयोग इस क्षेत्र को और मजबूत बनाएंगे। क्वाड देशों ने भविष्य में नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। (इनपुट: आईएएनएस)

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