दिल्ली में लागू होगी ‘राह-वीर’ योजना, मददगारों को 25 हजार रुपए पुरस्कार: रेखा गुप्ता

दिल्ली में सड़क दुर्घटना पीड़ितों की मदद को बढ़ावा देने के लिए सरकार ‘राह-वीर’ योजना लागू करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को ‘गोल्डन ऑवर’ के भीतर अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले नागरिकों को 25 हजार रुपए की नकद पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मानवीय पहल का उद्देश्य आम लोगों को बिना किसी भय के दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए प्रेरित करना है।

गोल्डन ऑवर में सहायता पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को गोल्डन ऑवर के भीतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का मानना है कि अधिक से अधिक लोग आगे आकर मदद करेंगे तो दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। कानूनी झंझट या पुलिस कार्रवाई के भय को दूर कर नागरिकों को मदद के लिए प्रोत्साहित करना भी योजना का प्रमुख लक्ष्य है।

कानूनी संरक्षण और प्रोत्साहन व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह योजना मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा 134ए के तहत अधिसूचित गुड सेमेरिटन नियमों के अनुरूप है। इन नियमों के तहत स्वेच्छा से सहायता करने वाले नागरिकों को कानूनी संरक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे लोग बिना डर के घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचा सकें।

पुरस्कार और चयन प्रक्रिया

योजना के तहत गंभीर सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपए का पुरस्कार मिलेगा। एक ही दुर्घटना में कई लोगों की मदद करने पर भी अधिकतम 25 हजार रुपए ही दिए जाएंगे। वर्ष भर में चयनित 10 सर्वश्रेष्ठ ‘राह-वीरों’ को राष्ट्रीय स्तर पर एक-एक लाख रुपए का विशेष पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

डिजिटल प्रक्रिया और जिला स्तर समिति

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिला स्तर पर मूल्यांकन समिति गठित की जाएगी, जिसमें जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी शामिल होंगे। चयनित व्यक्तियों के बैंक खाते में पुरस्कार राशि ऑनलाइन ट्रांसफर की जाएगी और पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज की जाएगी।

सड़क सुरक्षा और मानवीय संवेदनशीलता को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के लागू होने से राजधानी में त्वरित सहायता की संस्कृति विकसित होगी और अधिक लोग आगे आकर दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में सहयोग करेंगे। उनके अनुसार यह पहल सड़क सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ समाज में मानवीय संवेदनशीलता को भी बढ़ाएगी। (इनपुट: आईएएनएस)