कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की कथित दोहरी (ब्रिटिश) नागरिकता से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने अहम आदेश जारी करते हुए रायबरेली के कोतवाली थाना पुलिस को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस को पूरे मामले की जांच करने को कहा गया है।
हाई कोर्ट का अहम निर्देश
यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने पारित किया। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता ने फैसले को बताया ऐतिहासिक
मामले के याचिकाकर्ता विग्नेश शिशिर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे “ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण फैसला” बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार करते हुए एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है और यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा व जनहित से जुड़ा है।
दस्तावेजों को लेकर दावा
विग्नेश शिशिर ने दावा किया कि अदालत के समक्ष ऐसे दस्तावेज पेश किए गए, जिनमें कथित तौर पर ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े तथ्य शामिल हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जताया।
CBI जांच की मंजूरी
याचिकाकर्ता के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने अदालत से मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का आग्रह किया था, जिस पर अदालत ने जांच को सीबीआई को ट्रांसफर करने की अनुमति दे दी।
सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
विग्नेश शिशिर ने कहा कि इस मामले को आगे बढ़ाते समय उन्हें सुरक्षा से जुड़े खतरे महसूस हो रहे हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय से अपनी सुरक्षा बढ़ाने और सीआरपीएफ के माध्यम से पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
समर्थकों का जताया आभार
उन्होंने देशवासियों और समर्थकों का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके सहयोग के बिना इस मामले को आगे बढ़ाना संभव नहीं होता। साथ ही उन्होंने आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए भी समर्थन की अपेक्षा जताई। (इनपुट: आईएएनएस)


