सरकार ने मंगलवार को बताया कि फास्टैग सेवाओं के लिए तैयार ‘राजमार्गयात्रा’ मोबाइल ऐप ने लोकप्रियता के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर कुल रैंकिंग में 23वें स्थान और ट्रैवल कैटेगरी में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। अब तक इसे 15 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
मंत्रालय के अनुसार, भारत का कुल सड़क नेटवर्क 63 लाख किलोमीटर से अधिक हो गया है, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई मार्च 2025 तक 1,46,204 किलोमीटर पहुँच गई है। यह वर्ष 2013-14 की तुलना में 60 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है।
फास्टैग (FASTag) का उपयोग अब देशभर में लगभग 98 प्रतिशत वाहनों द्वारा किया जा रहा है। इसके 8 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं, जबकि फास्टैग वार्षिक पास लॉन्च के केवल दो महीनों में 25 लाख से अधिक यूजर जुड़े और 5.67 करोड़ से ज्यादा लेनदेन हुए।
4.5 स्टार की उत्कृष्ट रेटिंग के साथ ‘राजमार्गयात्रा’ ऐप ने फास्टैग वार्षिक पास फीचर लॉन्च के चार दिन बाद ही सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सरकारी ऐप बनने का रिकॉर्ड बनाया।
वर्ष 2014 से 2025 के बीच देश में 54,917 किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्ग जोड़े गए हैं। सरकार ने बताया कि सड़क योजना, निर्माण, रखरखाव, टोलिंग और नेटवर्क अपग्रेडेशन जैसी प्रक्रियाओं को डिजिटल रूप से अधिक पारदर्शी और कुशल बनाया जा रहा है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि भारत का सतत् (sustainable) बुनियादी ढांचे के प्रति समर्पण ‘ग्रीन हाईवे मिशन’ और ‘मिशन अमृत सरोवर’ जैसे अभियानों से झलकता है।
ग्रीन हाईवे मिशन के तहत 2023–24 में 56 लाख और 2024–25 में 67.47 लाख पौधे लगाए गए, जिससे अब तक कुल 4.69 करोड़ से अधिक पौधारोपण किया जा चुका है।
वहीं, मिशन अमृत सरोवर के तहत 467 जलाशयों का विकास किया गया और इनके जरिए लगभग 2.4 करोड़ घनमीटर मिट्टी राजमार्ग निर्माण में उपयोग हुई, जिससे करीब 16,690 करोड़ रुपये की बचत हुई।
साल 2023–24 में एनएचएआई ने 631 लाख मीट्रिक टन पुनर्नवीनीकृत (recycled) सामग्री जैसे फ्लाई ऐश, प्लास्टिक वेस्ट और पुनः उपयोग किए गए डामर का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया।
-(इनपुटःएजेंसी)


