जी20 बैठक में आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फेडरल रिजर्व और आईएमएफ अधिकारियों से की मुलाकात

वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय व्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में आयोजित जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान उन्होंने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डैन कैट्ज से मुलाकात की। आरबीआई ने इन मुलाकातों की जानकारी साझा की, हालांकि बातचीत के विस्तृत ब्योरे का खुलासा नहीं किया।

वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर हुई चर्चा

जी20 बैठक में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक गवर्नर शामिल हुए। इस दौरान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, वित्तीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। संजय मल्होत्रा ने भी इन चर्चाओं में भारत के केंद्रीय बैंक का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय समकक्षों के साथ विभिन्न आर्थिक मुद्दों पर विचार साझा किए।

केविन वार्श से मुलाकात

बैठक से इतर आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श से मुलाकात की। दोनों अधिकारियों की यह बैठक ऐसे समय हुई जब जी20 देशों के नीति निर्माता वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद चुनौतियों और वित्तीय स्थिरता से जुड़े विषयों पर चर्चा कर रहे थे। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति का प्रभाव केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था तक सीमित नहीं रहता। ब्याज दरों और अन्य मौद्रिक नीतिगत फैसलों का असर वैश्विक पूंजी प्रवाह, मुद्रा बाजार और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वित्तीय परिस्थितियों पर भी पड़ सकता है।

आईएमएफ के वरिष्ठ अधिकारी से भी मुलाकात

मल्होत्रा ने आईएमएफ के फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर डैन कैट्ज से भी मुलाकात की। आईएमएफ वैश्विक अर्थव्यवस्था की निगरानी, वित्तीय स्थिरता और सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आरबीआई की ओर से इन बैठकों में किन विशेष मुद्दों पर चर्चा हुई, इसका विस्तृत ब्योरा साझा नहीं किया गया है। हालांकि, जी20 बैठक के व्यापक एजेंडे के तहत वैश्विक आर्थिक और वित्तीय परिस्थितियों से जुड़े मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहे।

जी20 की अहम आर्थिक प्रक्रिया

जी20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक जी20 के आर्थिक और वित्तीय सहयोग ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक प्रमुख वैश्विक आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता, विकास के लिए वित्तीय संसाधन और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं।

एशविले में जुटे प्रमुख नीति निर्माता

नॉर्थ कैरोलिना के एशविले में आयोजित बैठक में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के आर्थिक नीति निर्माता एक मंच पर जुटे। बैठक का उद्देश्य वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर साझा दृष्टिकोण विकसित करना और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग को मजबूत करना रहा।

द्विपक्षीय बैठकों पर भी जोर

औपचारिक जी20 चर्चाओं के अलावा संजय मल्होत्रा ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी कीं। फेडरल रिजर्व और आईएमएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उनकी बैठकें भारत के वैश्विक आर्थिक और वित्तीय संवाद में सक्रिय जुड़ाव को दर्शाती हैं। (इनपुट: आईएएनएस)