Print

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति आज, RBI के फैसले पर बाजार की नजर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बुधवार को अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेगी। बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक इस बार भी रेपो रेट 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखेगा। साथ ही, RBI के ‘न्यूट्रल’ (तटस्थ) नीति रुख को भी बरकरार रखने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जून की मौद्रिक नीति समीक्षा के बाद देश के प्रमुख व्यापक आर्थिक संकेतकों में अपेक्षा से बेहतर सुधार देखने को मिला है। खुदरा महंगाई RBI के अनुमान से कम रही है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में औसत खुदरा महंगाई 3.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि केंद्रीय बैंक ने 4.2 प्रतिशत का अनुमान लगाया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भी महंगाई पर नियंत्रण का प्रमुख कारण रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें 85-87 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बनी हुई हैं, जो RBI के जून अनुमान 95 डॉलर प्रति बैरल से काफी कम हैं।

देश की आर्थिक वृद्धि भी मजबूत बनी हुई है। RBI ने चालू वित्त वर्ष के लिए 6.6 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का अनुमान लगाया था, लेकिन अब घरेलू मांग और निवेश गतिविधियों में मजबूती के चलते विकास दर करीब 7 प्रतिशत रहने की संभावना जताई जा रही है।

विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए RBI की ओर से किए गए उपायों का भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। FCNR(B) जमा और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) के तहत विशेष रियायतों से अब तक 40.82 अरब डॉलर जुटाए जा चुके हैं, जो 2013 में इसी तरह की पहल के दौरान जुटाए गए 34 अरब डॉलर से अधिक है। यह सुविधा 30 सितंबर तक जारी रहेगी।

सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) भी मजबूत हुआ है। मई-जून तक सरकारी प्रतिभूतियों में विदेशी निवेशकों की कुल हिस्सेदारी लगभग 3.75 लाख करोड़ रुपये (करीब 45 अरब डॉलर) तक पहुंच गई है।

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है। जुलाई के अंत तक यह बढ़कर रिकॉर्ड 682.35 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो देश के लिए लगभग 11 महीने के आयात और 89 प्रतिशत बाह्य ऋण को कवर करने के लिए पर्याप्त है।

महंगाई में नरमी, मजबूत आर्थिक वृद्धि, पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और लगातार पूंजी प्रवाह को देखते हुए बाजार को उम्मीद है कि RBI इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगा और अपनी तटस्थ मौद्रिक नीति को बरकरार रखेगा।

(इनपुट-एएनआई)  

RELATED ARTICLES

38 mins ago | Artisan Livelihood

भारत ट्यूलिप से पारंपरिक कारीगरों के उत्पादों को मिला डिजिटल बाजार

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीस...

1 hour ago

33,660 करोड़ रुपए की भव्य योजना से बदलेगा भारत का विनिर्माण इकोसिस्टम

भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य) 33,660 करोड़ रुपए की एक पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर में 100 प्लग-एंड-प...