भारत में खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2026 में 3.48 प्रतिशत दर्ज की गई, जो मार्च के 3.40 प्रतिशत से थोड़ी अधिक है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, महंगाई में यह मामूली वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों के दामों में बढ़ोतरी के कारण हुई है।
क्षेत्रवार स्थिति
ग्रामीण क्षेत्र: 3.74%
शहरी क्षेत्र: 3.16%
खाद्य महंगाई भी बढ़कर 4.20 प्रतिशत हो गई (मार्च में 3.87%)। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 4.26% और शहरी क्षेत्रों में 4.10% रही।
इन चीजों के दाम सबसे ज्यादा दाम घटे:
आलू (-23.69%)
प्याज (-17.67%)
मोटर कार और जीप (-7.12%)
मटर-चना (-6.75%)
एयर कंडीशनर (-5.06 प्रतिशत)
सबसे ज्यादा दाम बढ़े:
चांदी की ज्वेलरी (+144.34%)
नारियल (+44.55%)
सोना/चांदी/प्लेटिनम ज्वेलरी (+40.72%)
टमाटर (+35.28%)
फूलगोभी (+25.58%)
विभिन्न क्षेत्रों में महंगाई
फूड और बेवरेज: 4.01%
पान, तंबाकू और इंटॉक्सिकेंट्स: 4.76%
कपड़े और जूते: 2.80%
स्वास्थ्य: 1.64%
सूचना और संचार 2.11%
शिक्षा: 3.15%
राज्यवार महंगाई
अप्रैल में सबसे अधिक महंगाई वाले राज्य:
तेलंगाना (5.81%)
आंध्र प्रदेश (4.20%)
तमिलनाडु (4.18%)
कर्नाटक (4.00%)
आरबीआई का अनुमान
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत खुदरा महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि रबी फसल अच्छी होने से खाद्य आपूर्ति मजबूत रहने की उम्मीद है, हालांकि वैश्विक ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से कुछ दबाव बना हुआ है। (इनपुट-एजेंसी)


