बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव ने सोमवार को कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने से दानापुर के कई इलाके प्रभावित हुए हैं। कई स्थानों पर कटाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है।
यादव ने अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि बाढ़ प्रभावित और संपर्क से कट चुके इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरी सामान की कमी न हो और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में परेशानी न आए।
यादव ने कहा, “बिहार के कुछ हिस्सों समेत कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। आज मैंने अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। कई स्थानों पर कटाव हो रहा है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ रहा है।”
उन्होंने बताया कि जहां बढ़ते जलस्तर के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, वहां नावों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बाढ़ के कारण पूरी तरह कट चुके गांवों में राशन पहुंचाने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा, “मैंने नावों की व्यवस्था करने और निर्धारित मानदंडों के अनुसार पूरी तरह कट चुके गांवों में राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।”
यादव ने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरत के अनुसार इन शिविरों में पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ऊंचे जलस्तर के दौरान संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को संपर्क और सहायता उपलब्ध कराने में सरकारी नाव सेवाओं की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से सरकारी नाव सेवाएं संचालित हो रही हैं।
इस बीच, दानापुर के एसडीओ अनिरुद्ध पांडे ने बताया कि गंगा के जलस्तर में हालिया वृद्धि के कारण इलाके में कटाव की स्थिति पैदा हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन नाव और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखने के लिए काम कर रहा है और कटाव की समस्या से निपटने के लिए जल संसाधन विभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के किनारे के निचले इलाकों पर दबाव बढ़ रहा है। अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं और लोगों के लिए संपर्क तथा आवश्यक सेवाएं बनाए रखने के उपाय कर रहे हैं।
नदी किनारे बसे इलाकों के लिए कटाव विशेष रूप से गंभीर खतरा बना हुआ है। ऐसे में अधिकारी घरों और अन्य संपत्तियों को होने वाले संभावित नुकसान को कम करने पर भी ध्यान दे रहे हैं।
बढ़ते जलस्तर से प्रभावित लोगों के लिए नाव, खाद्य सामग्री और आश्रय की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ प्रशासन स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है।
(इनपुट-एएनआई)


