यूक्रेन संकट सुलझाने की कोशिशों के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी का किया धन्यवाद

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। बैठक की शुरुआत में पीएम मोदी ने अपना संबोधन दिया। इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन ने भी अपना संबोधन दिया। रूसी राष्ट्रपति ने यूक्रेन के साथ युद्ध रोकने पर बयान जारी किया।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, “मुझे बुलाने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं यूक्रेन में हो रही घटनाओं के बारे में बहुत सारी डिटेल्स शेयर कर सकता हूं। हम अमेरिका समेत कुछ साझेदारों के साथ मिलकर एक संभव शांतिपूर्ण बयान पर बात कर रहे हैं। इस परिस्थिति का समाधान ढूंढने में ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।”

पुतिन ने कहा, “हमारे तरीके इतिहास में बहुत गहराई से जुड़े हैं, लेकिन शब्द मायने नहीं रखते; बात का सार मायने रखता है, जो बहुत गहरा है। हम सच में इसकी तारीफ करते हैं कि आप, पीएम होने के नाते, इस पर खास और व्यक्तिगत ध्यान देते हैं।”

राष्ट्रपति पुतिन ने आगे कहा, “पिछले कुछ सालों में, आपने हमारे रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए बहुत काम किया है। हम हाई-टेक एयरक्राफ्ट, स्पेस एक्सप्लोरेशन (अंतरिक्ष अन्वेषण), और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समेत सहयोग के लिए और भी क्षेत्र खोल रहे हैं।”

इससे पहले पीएम मोदी ने कहा, “कल से डेलिगेशन के लोग अनेक बैठकों में व्यस्त रहे हैं। बहुत सारे परिणाम के साथ ये समिट आगे बढ़ रही है। आपकी ये यात्रा बहुत ही ऐतिहासिक है। 2001 में जब आपने कार्यभार संभाला और पहली बार भारत की यात्रा हुई आज उसे 25 साल हो गए हैं। उस पहली यात्रा में ही रणनीतिक साझेदारी की नींव रखी गई थी। मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर यह खुशी की बात है कि आपके साथ मेरे परिचय और संबंधों को भी 25 साल हो गए। मैं मानता हूं कि 2001 में आपने जो भूमिका अदा की, एक विजनरी नेता कैसे सोचता है, कहां से शुरू करता है और संबंधों को कहां तक पहुंचा सकता है, इसका शानदार उदाहरण भारत और रूस का संबंध है।”

रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “यूक्रेन के संकट के बाद हमारी लगातार चर्चा होती रही है। आपने भी समय-समय पर एक सच्चे मित्र के रूप में हमें सभी चीजों से अवगत कराया। विश्वास बड़ी ताकत है। आपसे मैंने अनेक बार इस विषय की चर्चा भी की है और विश्व की समझ भी मैंने रखी है। विश्व का कल्याण शांति के मार्ग पर ही है। हम सबको मिलकर शांति के मार्ग तलाशने चाहिए।”

पीएम मोदी ने भारत का पक्ष जाहिर करते हुए कहा, “शांति तलाशने के लिए पिछले दिनों से जो प्रयास चल रहे हैं, मुझे भरोसा है कि विश्व फिर से एक बार शांति की दिशा में लौटेगा। पिछले दिनों विश्व समुदाय के जितने भी नेताओं से मेरी बात हुई, मैंने हमेशा कहा है कि भारत न्यूट्रल नहीं है। भारत का जो पक्ष, वही शांति का पक्ष है। हम शांति के हर प्रयासों का समर्थन करते हैं और हम शांति के हर प्रयासों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।”

उन्होंने कहा, “पूरा विश्व कोविड से लेकर अब तक कई संकटों से गुजरा है। हम उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द विश्व को चिंताओं से मुक्ति मिलेगी और एक सही दिशा में प्रगति की राह पर विश्व समुदायों को एक नई आशा मिलेगी।”

पीएम मोदी बोले, “मुझे पूरा भरोसा है कि आज हम दिनभर अनेक विषयों पर चर्चा करने वाले हैं। भारत और रूस के आर्थिक संबंधों का अधिक विस्तार हो, हम नई ऊंचाइयों को हासिल करें। ऐसे ही आशावादी परिणाम के साथ हम अपनी मीटिंग को आगे बढ़ाएंगे।” (इनपुट-आईएएनएस)

 

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