क्षमता निर्माण आयोग (CBC) ने मिशन कर्मयोगी के तहत प्रशिक्षण संस्थानों को रणनीतिक और दक्षता आधारित क्षमता निर्माण संस्थानों में बदलने के लिए साधना श्रृंखला 2026 (Sādhana Shrinkhla 2026) पहल शुरू की है। इसके तहत देश के चार क्षेत्रों में क्षेत्रीय कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इनका उद्देश्य प्रशिक्षण संस्थानों को केवल प्रशिक्षण देने वाली इकाइयों से आगे बढ़ाकर सरकारी अधिकारियों की क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले संस्थानों के रूप में तैयार करना है।
Sādhana का अर्थ Strengthening Adaptive Development and Humane Aptitude for National Advancement है। यह पहल 2 से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित Sādhana Saptah 2026 और 15 मई 2026 को आयोजित राष्ट्रीय विभागीय सम्मेलन में हुई चर्चाओं पर आधारित है।
क्षेत्रीय कार्यशालाओं की शुरुआत 29-30 सितंबर को विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश से होगी। इसके बाद 9-10 अक्टूबर को गुवाहाटी, असम, 23-24 अक्टूबर को लखनऊ, उत्तर प्रदेश और 16-17 नवंबर को पुणे, महाराष्ट्र में कार्यशालाएं प्रस्तावित हैं। पुणे की तारीख अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है।
इन डेढ़ दिन की कार्यशालाओं में संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रमुख और संकाय सदस्य, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, उद्योग जगत, विषय विशेषज्ञ और स्टार्टअप प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। कार्यशालाओं में संबंधित राज्य के मुख्यमंत्री तथा कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति रहेगी।
विजयवाड़ा में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह मौजूद रहेंगे। इसमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के अधिकारी तथा प्रशिक्षण संस्थान शामिल होंगे।
Sādhana Shrinkhla के जरिए प्रशिक्षण संस्थानों में बदलाव को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर हुई चर्चा को क्षेत्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा, ताकि अलग-अलग राज्यों और संस्थानों की जरूरतों के अनुसार इसे लागू किया जा सके। इसके तहत प्रशिक्षण संस्थानों को अलग-अलग तरीके से काम करने वाली प्रशिक्षण इकाइयों के बजाय एक समान दिशा और क्षमता निर्माण की स्पष्ट व्यवस्था के साथ रणनीतिक संस्थानों के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्यों, प्रशिक्षण संस्थानों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर ऐसा ढांचा तैयार करना है, जिससे संस्थानों की प्रशासनिक क्षमता, नेतृत्व, कामकाज और आपसी सहयोग को मजबूत किया जा सके। साथ ही Karmayogi Quality Framework (KQF) के अनुरूप प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ाने, संकाय सदस्यों की क्षमता विकसित करने और डिजिटल तथा उभरती तकनीकों को अपनाने पर भी चर्चा होगी।
इस बदलाव को Unified New-Age National Training Initiative (UNNATI) पोर्टल के जरिए लागू किया जाएगा। यह पोर्टल 900 से अधिक प्रशिक्षण संस्थानों को एक मंच से जोड़ेगा। इसका उद्देश्य संस्थानों की जानकारी और दृश्यता बढ़ाना, आपसी सहयोग को आसान बनाना तथा आंकड़ों के आधार पर संस्थानों में लगातार सुधार को बढ़ावा देना है।
UNNATI Exchange यानी UXchange के जरिए प्रशिक्षण संस्थानों के बीच पाठ्यक्रम, संकाय और बुनियादी ढांचे की जानकारी साझा करने और उसका इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। इससे संस्थानों के बीच सहयोग और संसाधनों की साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।
क्षेत्रीय बैठकों से मिलने वाले सुझावों का इस्तेमाल Training Institution Transformation Framework को अंतिम रूप देने में किया जाएगा। इसका उद्देश्य Mission Karmayogi के तहत सरकार के सभी स्तरों पर काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों में आवश्यक क्षमताएं विकसित करना है, ताकि वे नागरिकों को बेहतर सेवाएं और परिणाम दे सकें।
Sādhana Shrinkhla का उद्देश्य ‘नागरिक देवो भव’ की भावना पर आधारित नागरिक-केंद्रित शासन को मजबूत करना और जन भागीदारी की भावना को राष्ट्रीय स्तर से क्षेत्रीय स्तर तक ले जाना है। इसके जरिए Mission Karmayogi के तहत एक जुड़े हुए, चुस्त और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार क्षमता निर्माण तंत्र विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
-(इनपुटः PIB)


